कमलेश तिवारी हत्याकांड में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जांच में हत्यारे शेख अशफाक हुसैन को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल, शेख अशफाक हुसैन ने फेसबुक पर अपना असली अकाउंट बंद कर फर्जी अकाउंट बनाया। यह फर्जी अकाउंट उसने अपने एक दोस्त की फेसबुक आईडी चोरी कर बनाया था।
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कमलेश तिवारी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अशफाक ने एक कंपनी में काम करने के दौरान हिंदू दोस्त का अकाउंट चोरी किया था। इसके जरिए हत्यारा अशफाक हिंदू समाज पार्टी में एक प्रचारक के रूप में शामिल हुआ। आपको बता दें कि रोहित सोलंकी के नाम से बने फेसबुक अकाउंट की पड़ताल के दौरान हत्यारे शेख अशफाक हुसैन का असली अकाउंट मिल गया।
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कमलेश तिवारी हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अशफाक ने यह अकाउंट कुछ दिन पहले ही बंद कर दिया था। इसके बाद ही अशफाक ने रोहित सोलंकी नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर कमलेश से संपर्क किया। फेसबुक के जरिए ही हत्यारों ने कमलेश तिवारी के घर, परिवार और संगठन के अलावा अन्य जानकारियां हासिल कीं। पुलिस की साइबर टीम इस हत्याकांड से जुड़े सोशल मीडिया के अन्य अकाउंट भी खंगाल रही है।
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कमलेश तिवारी (फाइल फोटो)
वहीं, नागपुर में सैय्यद आसिम अली नामक युवक को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। अली कातिलों के लगातार संपर्क में था। पुलिस का दावा है कि वारदात में इसकी अहम भूमिका थी। आसिम को लखनऊ लाने के लिए इंस्पेक्टर राम सूरत सोनकर के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम वहां पहुंच गई है। अधिकारियों ने बताया कि आसिम की 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड स्वीकृत हो गई है।
कमलेश के कातिल : मोइनुद्दीन और अशफाक
- फोटो : amar ujala
कमलेश तिवारी को मारकर भागे शेख अशफाक हुसैन और पठान मोइनुद्दीन अहमद के पोस्टर बनवाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पोस्टर प्रदेश के सभी रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और बाजारों समेत अन्य भीड़भरे स्थानों पर लगवाए जाएंगे।