जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष और देशद्रोह के आरोपी कन्हैया कुमार पर एक छात्रा से दुर्व्यवहार और उसे धमकी देने के आरोप भी लग चुके हैं। जेएनयू प्रबंधन ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह जानकारी सही है और 16 अक्तूबर 2015 को कन्हैया पर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका है। हालांकि कन्हैया के भविष्य को देखते हुए कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन दोबारा ऐसी गलती करने पर कड़ी कार्रवाई की सिफारिश जरूर की गई थी।
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Kamlesh Narwana
घटना 10 जून 2015 की है। जेएनयू की पूर्व छात्रा कमलेश नरवाना पूर्वांचल हॉस्टल रोड पर जा रही थी। पूर्व छात्रा ने देखा कि छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार सड़क किनारे सार्वजनिक स्थान पर पेशाब कर रहे थे। छात्रा ने जब उन्हें ऐसा करने पर टोका, तो कन्हैया ने कहा, मेरी मर्जी मैं कहीं भी पेशाब कर सकता हूं। छात्रा ने शिकायत करने की बात कही, तो कन्हैया ने धमकी भरे अंदाज में दुर्व्यवहार करते हुए कहा, जो करना है कर ले।
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Kamlesh Narwana
पीड़ित छात्रा की शिकायत पर कुलपति ने मामले की जांच चीफ प्रॉक्टर को दी। चीफ प्रॉक्टर ने 16 अक्तूबर 2015 को जांच कमेटी की रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रबंधन को सौंपी। रिपोर्ट में चीफ प्रॉक्टर ने लिखा था कि ब्रह्मपुत्र हॉस्टल निवासी और स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में अफ्रीकन स्टडीज में पीएचडी के छात्र कन्हैया कुमार पर पूर्व छात्रा से दुर्व्यवहार और धमकी देने के आरोप सही पाए गए हैं। जांच में सामने आया है कि उनका यह जुर्म बेहद गंभीर है और विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचा सकती है, लेकिन पीएचडी छात्र के भविष्य को देखते हुए कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं कर रहा हूं। हालांकि यदि वे दोबारा ऐसा करते पाए गए, तो कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भी कर रहा हूं। फिलहाल कन्हैया कुमार पर आरोप सिद्ध होने के चलते उन पर तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश कर रहा हूं। यह जुर्माना उन्हें दस दिनों में भरने का निर्देश दिया गया था।
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Kamlesh Narwana
पूर्व अध्यक्ष अकबर चौधरी ने दिया था इस्तीफा : जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और आइसा पदाधिकारी अकबर चौधरी पर भी एक छात्रा ने दुर्व्यवहार का आरोप लगा था। मामले की जांच जारी थी, फिर भी अकबर चौधरी ने नैतिकता और छात्रों की मांग के आधार पर छात्रसंघ अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। अब परिसर में सवाल उठ रहे हैं कि जब पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने आरोप लगने पर पद से इस्तीफा दे दिया था, तो कन्हैया आरोप सिद्ध होने पर भी पद क्यों नहीं छोड़ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर पूर्व छात्रा ने किया घटना का जिक्र : महिला दिवस पर छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने ऐड ब्लॉक पर बयान दिया था कि कश्मीर में सुरक्षा कर्मी महिलाओं से रेप करते हैं। इसी बयान के चलते शिकायतकर्ता जेएनयू की पूर्व छात्रा ने फेसबुक पेज पर लेटर लिखा है, जिसमें कन्हैया को सार्वजनिक स्थल पर पेशाब करने से रोकने की घटना का जिक्र किया है। उसने लिखा है मैं खुद वामपंथी विचारधारा की हूं और वामपंथी विचारधारा के परिवार से ताल्लुक रखती हूं। कन्हैया को सार्वजनिक स्थल पर पेशाब करने से रोका, तो उसने कहा कि मैं छात्रसंघ अध्यक्ष हूं और कुछ भी कर सकता हूं। मैं ब्रह्मपुत्र हॉस्टल में रहता हूं, तुम्हें जो करना है कर लो, कहकर कार में बैठकर चला गया। मैंने सिक्योरिटी गार्ड को कार का नंबर भी बताया था। इस संबंध में पूर्व छात्रा ने जेएनयू छात्रसंघ को भी पत्र लिखा है।