एम. जगदीश कुमार का जेएनयू के कुलपति के रूप में जनवरी 2016 में कार्यकाल शुरू हुआ था और फरवरी में यहां वही कार्यक्रम हुआ था जिसके बाद जेएनयू पर ऐसा ठप्पा लगा जो आज तक नहीं छूट सका है। दरअसल फरवरी में यहां अफजल गुरु की बरसी पर एक कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जो कथित देशद्रोही नारे लगने के कारण पूरे देश में सुर्खियों में आ गया। तब से लगातार जेएनयू और उसके कुलपति चाहे अनचाहे मीडिया की सुर्खियां बनते रहते हैं। 9 फरवरी 2016 के उस कार्यक्रम के लिए आज भी 10 छात्रों पर देशद्रोह का मुकदमा अदालत में विचाराधीन है जिसकी अनुमति दिल्ली सरकार नहीं दे रही है।