जामिया से अरेबिक एंड कल्चर स्टडीज में एमए कर रही रोशनी मिसबाह जब कॉलेज आती है तो सबकी निगाहें उसपर टिक जाती हैं। ब्लैक लेदर जैकेट, जीन्स, हाई हील बूट पहने और सिर हिजाब से ढके हुई रोशनी का पहनावा लोगों के आकर्षण की वजह नहीं है बल्कि कुछ और ही है जो उसे खास बनाती है।
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roshni misbah
- फोटो : रोशनी के फेसबुक से
रोशनी को खास बनाती है उसकी नारंगी-लाल और काली बाइक जिसपर सवार होकर जब वो कॉलेज पहुंचती है तो लोग उसे मुड़-मुड़कर देखने को मजबूर हो जाते हैं। अपनी संस्कृति के प्रति प्रतिबद्ध कैंपस में मिसबाह के इस साहसिक कदम की अब लोगों को आदत पड़ गई है। अपने इस कदम की वजह से मिसबाह ऑनलाइन सनसनी बन गई है। इसके साथ ही वह ऐसे लोगों के मुंह पर तमाचा भी है जो यह सोचते हैं कि लड़कियां सिर्फ स्कूटर ही चलाती हुई अच्छी लगती हैं।
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- फोटो : रोशनी के फेसबुक से
अपने बाइक प्रेम के बारे में बताते हुए मिसबाह कहती है कि, 'मैं विंडचेजर्स और दिल्ली रॉयल इनफील्ड राइडर्स जैसे ग्रुप की सदस्या हूं और जब मेरे पास एवेंजर बाइक थी तब मैं बजाज एवेंजर्स क्लब का भी हिस्सा रह चुकी हूं।' गाजियाबाद की रहने वाली मिसबाह बताती है कि वह दिल्ली के बाइकरनी ग्रुप की सबसे कम उम्र की बाइकर है। यह ग्रुप महिला मोटरसाइकलिस्टों के जरिए लिंग समानता लाने का संदेश देने का प्रयास करता है।
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- फोटो : रोशनी के फेसबुक से
आजकल मिसबाह 2 लाख कीमत की 250 सीसी वाली होंडा सीबीआर रिपसॉल चला रही है। मिसबाह बताती है कि उसे मोटरसाइकिल चलाते काफी समय हो गया है। वो अपनी पहली बाइक मिलने का किस्सा याद कर बताती है कि मिसबाह के पिता जो खुद एक बाइक प्रेमी हैं ने उससे वादा किया था कि वो उसे वेस्पा लाकर देंगे अगर वो उन्हें पिछली सीट पर बैठाकर बाइक चलाएगी। मिसबाह की इच्छा पूरी हुई जब वो कक्षा 9 में थी। मिसबाह ने खुद बाइक चलाना सीखा और खुद ही एवेंजर खरीदी जिसपर उसने बाइक चलाने की सारी बारिकियां सीखीं। अपनी इस अलग से शौक के चलते वह जल्द ही अपने दो छोटे भाई-बहनों और उनके दोस्तों की हिरोइन बन गई। मिसबाह को पता था कि वह कुछ अलग कर रही है और खासतौर से एक रूढिवादी समुदाय से आने पर यह निश्चय ही बहुत खास था। लेकिन उसके परिवार और दोस्तों ने इसके लिए उसकी काफी सराहना की।
यहां तक कि उसके अध्यापकों ने उसके लिए एक खास पार्किंग स्लॉट मुहैया कराया जो इंडो-अरेबिक सेंटर के पास कैंपस में ही था। मिसबाह के टीचर और सेंटर फॉर वेस्ट एशियन स्टडीज के डायरेक्टर जावेद खान के अनुसार मिसबाह एक गंभीर स्टूडेंट है जो अपने बाइक प्रेम के बाद भी अपनी जड़ों से जुड़ी हुई है। मिसबाह के दोस्त फरीद फारुकी जो खुद एक सुपर बाइकर हैं कहते हैं कि अन्य लड़कियों को भी वो करना चाहिए जो उनका दिल चाहे जैसे रोशनी कर रही है। अपने इस फैसले में जिन्होंने भी मिसबाह का साथ दिया उनका शुक्रिया अदा करते हुए वो उन लोगों को भी याद करती है जिसने उसका विरोध किया था। मिसबाह को यकीन है कि रुढियों को तोड़ने में अपना योगदान दे रही है और उन लड़कियों के लिए भी प्रेरणा बन रही है जो अपने सपनों को जीना चाहती हैं।