पहले ही प्रयास में देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा आईएएस में टॉप करने वाली टीना डाबी ने 2014 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के टॉप कॉलेजों में से एक लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है।
विज्ञापन
2 of 9
यूपीएससी में टॉप करने के बाद पहली बार जब वो अपने कॉलेज पहुंची तो उन्हें सुनने के लिए उनके कॉलेज के स्टूडेंट्स में कितनी उत्सुकता थी इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि पूरा ऑडीटोरियम उनके आने से पहले ही खचाखच भर चुका था।
विज्ञापन
3 of 9
tina dabi
अपने कॉलेज के छात्रों के सामने पहुंचते ही टीना ने अपने दिल की बात उनके साथ शेयर की। उन्होंने कहा कि एक महिला होने के नाते वो अपने सहकर्मियों और देश के बाकी आईएएस अफसरों के साथ-साथ छात्रों व महिलाओं के सामने एक उदाहरण पेश करना चाहती हैं।
4 of 9
tina dabi
टीना ने कहा कि एक महिला होने के नाते मैं महिलाओं से संबंधित मुद्दों और शिक्षा के क्षेत्र में काम करना चाहती हूं। अपने पेशे में आने के बाद मैं उन सभी स्कूलों और कॉलेजों का दौरा करुंगी ताकि यहां पढ़ने वाली लड़कियों को प्रोत्साहित कर सकूं। ताकि वो भी महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव के खिलाफ आवाज उठा सकें और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ सकें।
विज्ञापन
5 of 9
tina dabi
डाबी ने लेडी श्रीराम कॉलेज से 2014 में पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया। अपने कॉलेज की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि उनके कॉलेज ने उन्हें बताया कि वो क्या हैं और उनमें कितनी क्षमता है। डाबी ने कहा कि लेडी श्रीराम ने ही प्रोग्रेसिव वैल्यूज से रुबरू कराया।
विज्ञापन
6 of 9
tina dabi
अपने कॉलेज की तारीफ करते हुए डाबी ने कहा कि यहां आने के बाद वो दूसरों के प्रति संवेदनशील बन पाईं और उनमें लीडरशिप की क्वालिटी डेवलेप हो सकी। इसलिए जो भी मौका मिले उसका पूरा इस्तेमाल करना चाहिए और वो बनने की कोशिश करनी चाहिए जो हम बनना चाहते हैं।
विज्ञापन
7 of 9
tina dabi
ये मर्दों की दुनिया है और अगर महिलाओं को मुकाबला कर अपना मुकाम बनाना है तो उन्हें मोटी चमड़ी का होना पड़ेगा। मीडिया से बात करते हुए डाबी ने कहा कि भले ही उन्हें हिरयाणा की जगह राजस्थान काडर दिया गया है लेकिन वो महिलाओं के मुद्दों पर ही काम करती रहेंगी। बता दें कि डाबी हरियाणा काडर में जाना चाहती थीं क्योंकि यहां महिलाओं के प्रति भेदभाव बहुत ज्यादा है।
8 of 9
tina dabi
हालांकि उन्होंने माना कि राजस्थान की अपनी समस्याएं हैं। यहां स्त्री-पुरुष अनुमात में काफी अंतर है। साथ पंचायतों के मुख्य पदों पर महिलाओं की भूमिका में सुधार की जरूरत है। ये बहुत जरूरी है और जिस भी जिले में मुझे पोस्टिंग मिलेगी मैं इसके लिए काम करती रहूंगी।
गुजरात में दलित लड़कों को पीटे जाने की घटना पर दुख जताते हुए टीना ने कहा कि किसी भी स्थिती में हमें व्यवस्था में विश्वास को खोना नहीं चाहिए। इसमें सुधार के लिए कोशिशें जारी रखना ही इसका समाधान है।