पीक आवर्स में एक कौवा दिल्ली मेट्रो के द्वारका वैशाली रूट की रफ्तार का स्पीड ब्रेकर बन गया। कौवा के ओएचई की चपेट में आकर जल जाने से आई खराबी से करीब दो घंटे तक यमुना बैंक से वैशाली रूट के पहिये थमे रहे।
विज्ञापन
पहली बार हुआ ऐसा कि मेट्रो से ट्रैक पर उतर आए लोग
2 of 8
शाम 6:15 बजे ओएचई में बिजली बंद हुई, जिसे मेट्रो इंजीनियर ने 7:05 बजे ठीक कर लिया। हालांकि यमुना बैंक से वैशाली ट्रैक 8:05 बजे खोल दिया गया, लेकिन यात्रियों को ट्रैक से हटाने में मेट्रो को घंटे भर का समय लग गया।
विज्ञापन
पहली बार हुआ ऐसा कि मेट्रो से ट्रैक पर उतर आए लोग
3 of 8
रफ्तार थमने का असर कुछ देर के लिए सबसे व्यस्त रूट द्वारका सेक्टर 21 से नोएडा सिटी सेंटर के बीच ब्लू लाइन पर भी पड़ा। उधर, मेट्रो की रफ्तार में ब्रेक लगते ही आईटीओ से लक्ष्मी नगर व अक्षरधाम तक रात 9:30 बजे तक जाम के हालात बने रहे।
पहली बार हुआ ऐसा कि मेट्रो से ट्रैक पर उतर आए लोग
4 of 8
एलिवेटेड ट्रैक पर रुकी मेट्रो, यात्रियों की सांसें थमीं- घटना के समय लक्ष्मी नगर से यमुना बैंक की ओर ट्रेन आ रही थी। बिजली सप्लाई रुकते ही ट्रेन भी रुक गई, इससे एसी बंद हो गए। हालांकि लाइटें चालू थीं।
विज्ञापन
पहली बार हुआ ऐसा कि मेट्रो से ट्रैक पर उतर आए लोग
5 of 8
यात्रियों ने एसी बंद होते ही अनाउंसमेंट नहीं सुनी और घबराहट में आकर ट्रेन के आगे और पीछे दोनों साइडों के इमरजेंसी दरवाजे खोल दिए और यमुना बैंक और लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन की ओर पैदल ट्रैक पर चलना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
पहली बार हुआ ऐसा कि मेट्रो से ट्रैक पर उतर आए लोग
6 of 8
ट्रैक को बनाया पैदल फुटपाथ- वैशाली की ओर जाने वाले यात्री, जो राजीव चौक या नोएडा की ट्रेन से आ रहे थे, वे यमुना बैंक स्टेशन पर पहुंचकर मेट्रो स्टेशन से बाहर जाने की बजाय यमुना बैंक से लक्ष्मी नगर की ओर जाने वाले ट्रैक पर पैदल ही चलने लगे।
विज्ञापन
पहली बार हुआ ऐसा कि मेट्रो से ट्रैक पर उतर आए लोग
7 of 8
इसके बाद अन्य ट्रेनों के यात्री भी ट्रैक को फुटपाथ बनाकर चलने लगे। इसी प्रकार लक्ष्मी नगर की ओर से राजीव चौक या नोएडा जाने वाले यात्री भी इसी ट्रैक से यमुना बैंक आकर ट्रेन पकड़ते रहे।
मेट्रो प्रबंधन यात्रियों को रोकने की कोशिश करता रहा, लेकिन वे नहीं माने और यमुना बैंक से लक्ष्मी नगर तक मेट्रो ट्रैक को पैदल फुटपाथ की तरह प्रयोग करते रहे।