दिल्ली से गिरफ्तार किया गया आतंकी अबू यूसुफ भारत में इस्लामिक स्टेट की जड़ें मजबूत करने के बाद अफगानिस्तान के खुरासान जाना चाहता था। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अभी तक की जांच में पता चला है कि पिछले करीब पांच-छह सालों से अबू यूसुफ आईएसआईएस से प्रभावित होकर उससे जुड़ गया था। पहले वह यूसुफ-अल-हिंदी के संपर्क में आया था। सीरिया में उसके मारे जाने के बाद अबू यूसुफ पाकिस्तानी आतंकी अबू हुजेफा के संपर्क में आया।
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आतंकी अबू युसुफ
- फोटो : ANI
हुजेफा ने ही यूसुफ को आईईडी बनाकर हमला करने के लिए कहा था। हुजेफा ने यूसुफ से वादा किया था कि वह उसे खुरासान बुला लेगा। इसको देखते हुए यूसुफ ने अपना, पत्नी व चारों बच्चों का पासपोर्ट भी बनवा लिया था। लेकिन पिछले साल हुजेफा ड्रोन हमले में मारा गया। जिसके बाद नए अमीर ने उसे भारत में ही रहकर काम करने के लिए कहा था।
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आतंकी अबू युसुफ
- फोटो : ANI
पकड़े गए आतंकी अबू यूसुफ ने दावा किया कि उसने आईईडी बनाने की कहीं पर ट्रेनिंग नहीं ली है बल्कि उसे यू-ट्यूब के कुछ लिंक दिए गए थे। उनको देखकर उसने घर पर ही आईईडी बनाए थे।
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आतंकी अबू युसुफ के गांव के बाहर पहरा
- फोटो : अमर उजाला
यूसुफ ने बताया कि उसने किसी दूसरे की कोई मदद नहीं ली। उसके पास से बरामद हुए दोनों प्रेशर कुकर आईईडी लाइव थे। एनएसजी ने उनको डिफ्यूज कर दिया। बाद में एफएसएल की टीम विस्फोटक के अवशेषों को जांच के लिए लैब ले गई।
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आतंकी अबू युसुफ
- फोटो : ANI
एसएफएल पता करने का प्रयास कर रही है कि अबू यूसुफ ने विस्फोटक तैयार करने के लिए क्या-क्या इस्तेमाल किया है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आतंकी यूसुफ के पास से लाइव आईईडी मिलने के बाद हड़कंप मच गया था।
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आतंकी अबू युसुफ
- फोटो : ANI
जितना विस्फोटक उसके पास से बरामद हुआ था, उससे बड़ा नुकसान हो सकता था। ऐसे में फौरन एनएसजी की बम डिफ्यूज टीम को खबर दे दी गई। रात को ही एनएसजी की टीम ने पूरे इलाके को घेर लिया। चूंकि रात में दो आईईडी को डिफ्यूज करने में दिक्क्त हो सकती थी। ऐसे में दिन होने का इंतजार किया गया।
आतंकी अबू युसुफ के गांव के बाहर पहरा
- फोटो : अमर उजाला
पूरे बुद्ध जयंती पार्क को घेर लिया गया। आईईडी को अंदर पार्क में ले जाकर वहां दो फीट गहरा गड्ढा किया गया। वहां दोनों आईईडी को गड्ढे में रखकर ऊपर से रेत की बोरियां डालकर हल्का धमका करके बम को डिफ्यूज कर दिया गया। यह सारा काम शनिवार सुबह के समय किया गया।