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8 हाथ-पैर वाले ईराकी बच्चे को भारतीय डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी, दिल की बनावट भी थी उल्टी

Sat, 15 Apr 2017 06:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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8 हाथ पैरों वाला बच्चा - फोटो : अमर उजाला
ईराक के 7 महीने के 8 हाथ-पैर वाले बच्चे को भारत के डॉक्टरों ने नया रूप देकर उसके परिवार में खुशियां लौटाई हैं। मां के गर्भ में पल रहे जुड़वां बच्चों में से एक के विकसित न होने की वजह से ऐसा हुआ था।
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8 हाथ पैरों वाला बच्चा - फोटो : अमर उजाला
यही नहीं, बच्चे के हृदय की बनावट उल्टी थी, पेट की आंत घूमी हुई थी और अंडकोष भी अतिरिक्त था। बच्चे की तीन सर्जरी करके उसको सामान्य बच्चे की तरह रूप दिया गया है। नई जिंदगी के बाद करम अपने परिवार के साथ अपने देश लौट रहा है। करम के पिता ईराक के अस्पताल में डॉक्टर हैं। जन्म के साथ ही वो इलाज को लेकर अस्पताल ढूंढ रहे थे। अगस्त 2016 में वो करम को भारत लेकर आए। उसके बाद बच्चे की एक सर्जरी कराने के बाद वो ईराक लौट गए। लेकिन उसके पिता भारत के डॉक्टर  से ई-मेल से जुड़े रहें। उसके बाद दोबारा से सर्जरी के लिए भारत आए।
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8 हाथ पैरों वाला बच्चा - फोटो : अमर उजाला
जेपी अस्पताल के बाल हृदय रोग विभाग के निदेशक डॉक्टर राजेश शर्मा ने बताया कि मां के पेट में जुड़वा बच्चे थे। लेकिन एक बच्चा पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाया था। जिस वजह से बच्चे के 8 हाथ - पैर हो गए।  इस बीमारी को पोलीमेलिया कहते हैं। विश्व के चिकित्सीय इतिहास में इस तरह के केवल पांच - छह मामले देखे गए हैं। जिसमें से दो अंग पेट पर निकले हुए थे। सबसे पहले ऑपरेशन के जरिये पहले पेट से दोनों अंगों को निकाला गया।

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8 हाथ पैरों वाला बच्चा - फोटो : अमर उजाला
यहीं नहीं, बच्चे का हृदय भी उल्टा था, इसलिए दूसरी हृदय की सर्जरी की गई । डॉक्टर गौरव राठौर ने बताया कि करम के हृदय के अंदर की बनावट प्राकृतिक रूप से बिल्कुल उल्टी थी। आर्टरीज और पंपिंग चैंबर प्राकृतिक बनावट से विपरीत थी। इस वजह से बच्चा नीला होता जा रहा था। जिसके कारण उसकी सर्जरी की गई। तीसरी सर्जरी में उसके दो पैर को हटाया गया। बच्चे का एक पैर सामान्य बच्चे की तरह था। लेकिन दूसरे पैर का आकार छोटा था। इस वजह से हटाए गए दो पैरों की मसल्स बच्चे के एक पैर में लगाई गई।
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8 हाथ पैरों वाला बच्चा - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टर आशीष राय ने बताया कि बच्चे के पेट से निकलने वाले दोनों पैर वास्तव में बच्चे की छाती की हड्डी से जुड़े हुए थे। वहां पर पेट की कोई मांसपेशियां नहीं थीं। इसकी खून की नस लिवर की नस से जुड़ी हुई थी। इसलिए सर्जरी करके पेट सामान्य बनाया गया। डॉक्टर अभिषेक ने बताया कि जब बच्चे को लाया गया था तब उसके लिंबस और आंत में विकृतियां थीं। साथ ही पेट में आंत घूमी हुई थी। वहीं डॉक्टर सौरभ गुप्ता ने बताया कि बच्चे के शरीर में केवल एक ही किडनी थी। ऑपरेशन के जरिये आंतों की विकृति को सर्जरी से ठीक किया गया। वहीं बच्चे के शरीर में दाईं तरफ सामान्य रूप से अंडकोष था। जबकि बाईं तरफ पेट में अंडकोष थे, जिसमें से एक सर्जरी से पेट से बाहर किया गया।
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