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जंतर-मंतर प्रदर्शन: गूगल का कनेक्शन कटा, भूल भुलैया बनी लुटियन दिल्ली; नहीं बने कैब के बिल, ऑनलाइन पेमेंट ठप

Mon, 20 Jul 2026 06:53 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इंटरनेट बंद होने का सीधा असर एप आधारित टैक्सी और बाइक सेवाओं पर भी पड़ा। नई दिल्ली पहुंचते ही कई यात्राओं का किराया मोबाइल पर अपडेट नहीं हुआ और बिल जनरेट नहीं हो सका।
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नई दिल्ली में इंटरनेट बंद होने से सब हुए परेशान - फोटो : अमर उजाला
इंटरनेट बंद होने का सबसे बड़ा असर उन पुलिसकर्मियों पर पड़ा, जिन्हें सोमवार को कानून व्यवस्था संभालने के लिए नई दिल्ली बुलाया गया था। जंतर मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के बीच मंडी हाउस से करोल बाग और मंदिर मार्ग तक मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। इसका नतीजा यह हुआ कि दूसरे जिलों से ड्यूटी पर आए कई पुलिसकर्मी गूगल मैप नहीं खोल सके और अपनी तैनाती वाली जगह तक पहुंचने के लिए घंटों भटकते रहे। आखिरकार उन्हें लोगों से रास्ता पूछना पड़ा और कागज पर लिखे दिशा-निर्देश के सहारे ड्यूटी स्थल तक पहुंचना पड़ा।
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ड्यूटी पर जाते सुरक्षाकर्मी - फोटो : अमर उजाला
दो पुलिस वाले पूछ-पूछकर ड्यूटी स्थल तक पहुंचे
ऐसे ही दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बन रहे एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव के पास लगाई गई थी। उनके पास ड्यूटी रोस्टर था, लेकिन उसमें केवल तैनाती स्थल का नाम लिखा था। इंटरनेट बंद होने से वे गूगल मैप नहीं चला सके। गोल मार्केट से पंडित पंत मार्ग तक भटकने के बाद उन्होंने ऑटो चालकों से रास्ता पूछा, लेकिन उन्हें भी इस नई जगह एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव की जानकारी नहीं थी। उन्हें इस जगह के पीछे की रोड पर तैनात किया गया था। बाद में कार्यालय के ब्रॉडबैंड इंटरनेट की मदद से उन्हें रास्ता खोजकर बताया गया और कागज पर प्रमुख सड़कें व चौराहे लिखकर दिए गए। दोनों पुलिसकर्मी आपस में कहते रहे कि अगर समय पर नहीं पहुंचे तो अनुपस्थित ही लगा दिया जाएगा।
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ड्यूटी पर जाते सुरक्षाकर्मी - फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शनकारी भी पूछते रहे रास्ता
दूर-दराज के इलाकों और दूसरे राज्यों से आए प्रदर्शनकारी भी नई दिल्ली की सड़कों पर एक-दूसरे से जंतर मंतर का रास्ता पूछते नजर आए। इंटरनेट सेवा ठप होने से मोबाइल मैप और लोकेशन शेयरिंग काम नहीं कर रही थी, जिससे अनजान लोगों को काफी परेशानी हुई।

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सीजेपी के समर्थक - फोटो : अमर उजाला
कैब और बाइक सवारों का हिसाब बिगड़ा
इंटरनेट बंद होने का सीधा असर एप आधारित टैक्सी और बाइक सेवाओं पर भी पड़ा। नई दिल्ली पहुंचते ही कई यात्राओं का किराया मोबाइल पर अपडेट नहीं हुआ और बिल जनरेट नहीं हो सका। ऐसे में यात्रियों और चालकों ने आपसी सहमति से अनुमान के आधार पर किराया तय किया। किसी ने कम तो किसी ने अधिक भुगतान किया।
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सीजेपी के समर्थक - फोटो : अमर उजाला
ऑनलाइन भुगतान भी ठप
नई दिल्ली के दफ्तरों और बाजारों में रोजमर्रा की खरीदारी ज्यादातर ऑनलाइन भुगतान से होती है। इंटरनेट सेवा बंद रहने से दुकानों पर क्यूआर कोड काम नहीं कर पाए। लंच के समय सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हुई जिनके पास नकद नहीं था। कई लोगों ने परिचित दुकानों से उधार लेकर खाना खाया, जबकि कई लोग नकदी निकालने के लिए एटीएम तलाशते रहे। प्रदर्शन के मद्देनजर की गई इंटरनेट बंदी का सबसे बड़ा खामियाजा आखिरकार आम लोगों को भुगतना पड़ा।
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