राजधानी में आपको बुलंद दरवाजा भी दिखेगा और रूमी दरवाजा भी। फतेहपुर सीकरी और लखनऊ से दोनों ऐतिहासिक इमारतें लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस से जुड़ेंगी। (रिपोर्ट: संतोष कुमार और सभी तस्वीरें: विवेक निगम/अमर उजाला)
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PICS: दिल्ली में दिखेगी पूरे भारत की एक झलक
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अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के लिए प्रगति मैदान में उत्तर प्रदेश पवेलियन को इसी थीम पर सजाया जा रहा है। इसमें यूपी की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत के साथ मौजूदा प्रदेश सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं की झलक दिखेगी।
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दरअसल, यूपी के दो शहरों में बने दरवाजों की ऐतिहासिक अहमियत है। मुगल शहंशाह अकबर ने अपनी 1601 की गुजरात विजय को यादगार बनाने के लिए फतेहपुर सीकरी में इसका निर्माण करवाया था। वहीं, लखनऊ का रूमी दरवाजा 1784 में नवाब आसफुद्दौला ने बनवाया था।
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इसके पीछे की सोच यही है कि यहां से निकलने वाला रास्ता इस्तांबुल जाता है। दोनों इमारतों में भारतीय और यूनानी स्थापत्य शैलियों का फ्यूजन है। दूसरी तरफ आगरा एक्सप्रेस वे दोनों इमारतों को जोड़ता है।
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उत्तर प्रदेश सरकार के डिप्टी कमिश्नर इंडस्ट्री राजेश सिंह यादव के मुताबिक, थीम देने की अहम वजह यह रही कि दो ऐतिहासिक इमारतें आधुनिक तकनीक के सहारे बने एक्सप्रेस वे से जुड़ती हैं।
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इसके जरिए उत्तर प्रदेश की मिलीजुली तहजीब को वैश्विक फलक पर उभारने का मौका होगा। दर्शक 14 नवंबर से इसका लुत्फ उठा सकेंगे।
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दोनों दरवाजों को जोड़ने वाले एक्सप्रेस वे के नीचे ऐसे चीजें दिखेंगी, जिसमें यूपी अव्वल है। साथ ही इनमें महिलाओं की भी अहम भागीदारी है। मसलन, दूध उद्योग, पशुधन उद्योग के साथ सब्जी, बागवानी, आम, गेहूं आदि की फसलें लगाई जाएंगी। इससे आम लोगों को जानकारी मिल सकेगी कि यूपी किन क्षेत्रों में आगे है।
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वहीं बगल की पूरी दीवार पर प्रदेश सरकार की उन योजनाओं का चित्रांकन किया जाएगा, जिन्हें महिलाओं के कल्याण के लिए चलाया जा रहा है। इसमें जच्चा-बच्चा योजना से बुजुर्ग महिलाओं तक के लिए चल रही योजनाएं शामिल होंगे। तस्वीरों के सहारे इन्हें दिखाने की कोशिश होगी।
पवेलियन में इको फ्रेंडली मकान का मॉडल भी रखा गया है। पूरा ढांचा लोहे, लकड़ी और प्लास्टिक से बनाया गया है। खास बात यह कि आम लोग ऑर्डर देकर इसे 15 दिन में बनवा सकेंगे। जरूरत के हिसाब से इसका आकार छोटा या बड़ा किया जा सकता है।