मैं अपने परिवार के साथ प्रयागराज जाने के लिए आया था। बेटा मेरे साथ है, लेकिन बेटी और पत्नी का कुछ पता नहीं है। समझ नहीं आ रहा है कहां जाऊं। हालत, बेहद खराब हैं। रेल प्रशासन भी कुछ मदद नहीं कर रहा है। यह कहते हुए योगेश मिश्रा के आंसू थम नहीं रहे हैं। वह रोते हुए बताते हैं कि उनकी ट्रेन प्लेटफार्म नंबर 15 में थी। एसी-2 की टिकट थी। लेकिन, भीड़ इतनी अधिक थी कि किसी भी बोगी में पैर रखने की जगह नहीं थी। सब लोग एक-दूसरे के ऊपर चढ़ रहे थे।