सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने की मांग को लेकर इनेलो के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बुधवार को संसद मार्च किया। सत्र चालू होने के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता संसद के नजदीक रेल भवन चौराहे तक पहुंच गए। कार्यकर्ताओं को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं। पार्टी का आरोप है कि पुलिस ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया। गाड़ियों में बैठे बुजुर्ग कार्यकर्ताओं की भी पिटाई की। इससे तकरीबन 15 लोग घायल हो गए। संसद मार्च से पहले इनेलो कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।
इसमें हरियाणा विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला, पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, सांसद दुष्यंत चौटाला, चरणजीत सिंह रोड़ी समेत पार्टी विधायक, सांसद व कार्यकर्ता मौजूद थे। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ का फैसला आए चार माह हो गए, लेकिन अभी तक केंद्र सरकार ने नहर के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। इस बारे में राष्ट्रपति के सामने सभी दलों के नेताओं ने अपना पक्ष रखा है। चार महीने से प्रधानमंत्री ने हरियाणा के मुख्यमंत्री तक को मिलने का समय नहीं दिया।
चौटाला ने कांग्रेस व भाजपा पर मामले का लटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने के लिए पार्टी हर कुर्बानी देने को तैयार है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि संसद मार्च के दौरान इनेलो कार्यकर्ताओं की भीड़ में जाट आंदोलनकारी भी शामिल हो गए थे। पार्लियामेंट स्ट्रीट बेहद सुरक्षित जोन है इसलिए प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। प्रदर्शन की वजह से कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
गृह मंत्री से करेंगे मुलाकात
इनेलो ने लाठीचार्ज की निंदा की है। पार्टी का कहना है कि इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर दिल्ली पुलिस की शिकायत करेंगे। इसका फैसला इनेलो राजनीतिक मामलों की कमेटी (पीएसी) की नई दिल्ली में हुई बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने की।
जाम लगने से लोगों को हुई परेशानी
संसद के समीप हुए हंगामे की वजह से नई दिल्ली का बड़ा हिस्सा घंटों तक जाम रहा। संसद मार्ग, अशोक रोड, रफी मार्ग, जंतर-मंतर, जनपथ, पंत मार्ग समेत नई दिल्ली इलाके की ज्यादातर सड़कें जाम रहीं। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब दो घंटे बाद जब प्रदर्शनकारी वापस लौटे, उसके बाद ही लोगों को राहत मिली।