noida district hospital
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स्टाफ का कहना था कि मरीज बाहर जा रहा है, इसलिए ऐसा किया गया। उधर, मरीज बार-बार हाथ खोलने के लिए बोल रहा था, लेकिन स्टाफ उसकी नहीं सुन रहा था। ये हाल तब था जब इमरजेंसी वॉर्ड में अन्य कोई मरीज भर्ती भी नहीं था। सीएमएस डॉक्टर अजेय अग्रवाल ने बताया कि इस तरह मरीज के हाथ बांधना गलत है। इसके लिए इमरजेंसी की डॉक्टर जिम्मेदार हैं। मामले की जांच की जा रही है।