नरेला में सोमवार को कारोबारी पंकज और अकाउंटेंट हरीश की हत्या कर 30 लाख की लूट के मामले में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मंडी के मुखबरी से वारदात को अंजाम दिया गया है।
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हरीश की पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने कई संदिग्ध फोन नंबरों का सीडीआर निकल कर उसकी जांच शुरू कर दी है। इसके साथ साथ एएसआई पवन के निशानदेही पर बनाए गए बदमाश के स्कैच से भी पुलिस को सफलता हाथ लगी है। इसके जरिए सोनीपथत के एक बदमाश की पहचान हुई है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
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छानबीन करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पुलिस की पांच टीम मामले की जांच कर रही है। अभी तक की जांच में यह बात सामने आयी है कि कुछ दिन पहले बदमाशों के एक गिरोह से आजादपुर मंडी में भी एक कारोबारी के मुनीम पर गोली चलाकर दस लाख की लूट की थी। पुलिस ने इस गिरोह के सात बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि तीन बदमाश अभी फरार है।
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नरेला में कारोबारी और अकाउंटेंट की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की एक टीम फरार बदमाशों के बदमाशों के इस वारदात में शामिल होने की जांच कर रही है। क्योंकि दोनों जगहों पर वारदात को अंजाम देने का तरीका एक था। पुलिस अधिकारी तिहाड़ जेल में बंद बदमाशों के इशारे पर वारदात को अंजाम देने की बात से भी इंकार नहीं कर रहे हैं। पुलिस इसके मद्देनजर उन बदमाशों से जेल में जाकर मिलने वाले बदमाशों पर भी निगरानी रख रही है। लेकिन सबसे अहम बात सामने आयी है जिसके आधार पर पुलिस का कहना है कि मंडी की मुखबरी से वारदात को अंजाम दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस के हाथ कुछ साक्ष्य लगे हैं जिसके मुताबिक हरियाणा के बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है और उन्हें मंडी के मुखबीरी के जरिए रकम की जानकारी मिली थी। पुलिस ने पंकज के ड्राइवर अमित और उसके दूसरे अकाउंटेंट राकेश को क्लीन चिट नहीं दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के साथ साथ उनके फोन कॉल डिटेल्स व अन्य चीजों की जानकारी इक्कठा की जा रही है।