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MAX मामला : इस वजह से दूसरे नवजात की भी रुक गईं सांसें...

Thu, 07 Dec 2017 10:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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max hospital - फोटो : अमर उजाला
मैक्स अस्पताल द्वारा मृत बताए गए नवजात ने आखिर पांच दिन बाद बुधवार दोपहर 12 बजे दम तोड़ दिया। दिल्ली के रोहितकुंज स्थित दिल्ली न्यू बोर्न सेंटर के प्रमुख डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक, पांच दिन तक नवजात मौत और जिंदगी की जंग लड़ता रहा।
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max hospital - फोटो : अमर उजाला
नवजात को सपोर्ट सिस्टम पर ही रखा गया था। पहले हार्ट ने काम करना बंद किया और फिर किडनी। किडनी खराब होने के दौरान बच्चे को डायलिसिस नहीं किया जा सकता था, क्योंकि प्लेट्लेटस नहीं बन रहे थे। ब्रेन से लेकर शरीर के हर अंग में इंटरनल ब्लीडिंग होती रही।
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max hospital - फोटो : अमर उजाला
नवजात का कम वजन प्री-मच्योर होने के चलते था, क्योंकि उक्त अवधि के बच्चों का वजन उतना ही होता है। प्री -मच्योर के चलते ही सपोर्ट सिस्टम के बाद भी बच्चे का मल्टी आर्गन फेल कर गया। बता दें कि शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती वर्षा ने 30 नवंबर की सुबह 7.30 बजे और 7.42 बजे एक लड़के व लड़की दो जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था।

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max hospital
दोनों ही बच्चे समयपूर्व पैदा (22 हफ्ते) हुए थे। लड़की को तुरंत ही मृत घोषित कर दिया गया था, जबकि लड़के की हालत गंभीर बताकर उसके इलाज के लिए 48 लाख रुपये मांगे थे। उसी दिन दोपहर करीब 1.00 बजे मैक्स अस्पताल प्रशासन ने दूसरे बच्चे को भी मृत घोषित कर परिवार को दे दिया था।
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max hospital
​परिवार जब दोनों बच्चे के शव को लेकर दफनाने जा रहा था, उसी दौरान एक बच्चे में हरकत हुई। फौरन बच्चे को पीतमपुरा स्थित अग्रवाल न्यू बोर्न अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान बुुधवार को उसकी मौत हो गई।
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