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MAX अस्पताल के डॉक्टरों को निलंबित करने के विरोध में खड़ा हुआ दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन

Sun, 10 Dec 2017 10:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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max hospital - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली सरकार द्वारा मैक्स अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने और दो डॉक्टरों को निलंबित करने के विरोध में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) खड़ा हो गया है। डीएमए ने मैक्स अस्पताल के लाइसेंस के रद्दीकरण और डॉक्टरों के निलंबितीकरण की तुरंत प्रभाव से बहाली न करने की स्थिति में बृहस्पतिवार से मेडिकल बंद की चेतावनी दी है। दूसरी ओर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) मैक्स और फोर्टिस अस्पतालों में बरती गई लापरवाही के विरोध में है।
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max hospital - फोटो : अमर उजाला
जिंदा बच्चे को मृत बताने के मामले में दिल्ली सरकार द्वारा शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने और दो डॉक्टरों को निलंबित करने के विरोध में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने शनिवार को प्रेसवार्ता बुलाई। इस दौरान डीएमए के अध्यक्ष डॉ. विजय मल्होत्रा ने कहा कि बच्चे को गलती से मृत बताना मानवीय भूल हो सकती है, लेकिन इस मामले को तूल देते हुए मैक्स अस्पताल का लाइसेंस रद्द करना और दो डॉक्टरों को सरकार द्वारा निलंबित करना अतार्किक और स्वेच्छाचारी है।
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max hospital
उन्होंने कहा कि अगर अस्पताल से लापरवाही हुई है, तो सरकार को उसके खिलाफ चल रही जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर दिल्ली सरकार द्वारा मैक्स अस्पताल के लाइसेंस रद्दीकरण और डॉक्टरों के निलंबितीकरण को बुधवार तक खारिज नहीं किया गया, तो डीएमए दिल्ली में मेडिकल बंद करेगी। इस दौरान सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के अस्पतालों के कर्मी हड़ताल करेंगे। हालांकि सभी अस्पतालों में आपातकालीन विभाग सुचारु रूप से काम करेगा।

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max hospital
उन्होंने कहा कि दिल्ली में मेडिकल सिस्टम 80 प्रतिशत निजी अस्पतालों पर निर्भर है और मेडिकल व्यवस्था ठप होने से जो परेशानी होगी, उसके लिए दिल्ली सरकार जिम्मेदार होगी।
उन्होंने कहा कि अगर किसी मरीज या बच्चे की अस्पताल में मौत हो जाती है, तो उसके लिए डॉक्टरों को हत्यारा कहना बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों पर डाले जा रहे लगातार दबाव से डॉक्टर घुटन महसूस कर रहे हैं।
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max hospital - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि जिस बच्चे को मैक्स अस्पताल में गलती से मृत बताया गया, उसका जिंदा बचना बहुत ही मुश्किल था, क्योंकि वह बच्चा 20 से 22 हफ्ते का था, जिसका बचना बिल्कुल नामुमकिन था। दूसरी ओर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) दिल्ली के मैक्स और हरियाणा के फोर्टिस अस्पताल में बरती गई लापरवाही के पुरजोर विरोध में है। आईएमए इन अस्पतालों के खिलाफ दिल्ली सरकार की कार्रवाई के समर्थन में है। इस मामले की गंभीरता के चलते आईएमए ने मैक्स और फोर्टिस दोनों अस्पतालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने का मुद्दा उठाते हुए 11 दिसंबर को आपात प्रेसवार्ता बुलाई है। इस प्रेसवार्ता को आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल संबोधित करेंगे।
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