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बाजार में ज्यादा कैश होने के बावजूद देश के कई बड़े राज्यों में क्यों बन रहे नोटबंदी से हालात

Tue, 17 Apr 2018 12:23 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली
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pnb atm - फोटो : amar ujala
इन दिनों देश के कई राज्यों में एक अजीब सी स्थिति बन रही है। दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हैदराबाद जैसे राज्यों में नोटबंदी जैसे हालात हो गए हैं। एटीएम में नकदी की कमी है और लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आखिर इसकी वजह क्या है आगे पढ़ें पूरी खबर...
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Demonetisation
एक टीवी रिपोर्ट के अनुसार गुजरात सरकार को पता था कि इन दिनों नकद की किल्लत है और एक हफ्ते पहले आरबीआई के रीजनल दफ्तर को सूचना देने के बाद भी हालात ठीक नहीं हुए। वहीं दिल्ली के एटीएम में भी नोटों की किल्लत बनी हुई है।


 
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गौरतलब है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात और हैदराबाद जैसे राज्यों के कई जिलों में एक बार फिर से नकदी की किल्लत होने लगी है। इन राज्यों में शहरी इलाकों में तो कुछ स्थिति ठीक भी है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में तो बैंक से भी पर्याप्त मात्रा में नकदी नहीं मिल पा रही है। हालांकि यह हालत एसबीआई और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में ही ज्यादा देखने को मिली रही है, निजी क्षेत्र के बैंकों में दिक्कत नहीं दिखती है। लेकिन ऐसा नहीं है सबकुछ ठीक है निजी बैंकों के एटीएम की हालत भी कई जगह काफी खराब है।

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रिचर्ड थेलर - फोटो : SELF
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एसबीआई की एक करेंसी चेस्ट शाखा के अधिकारी का कहना है कि उनके यहां रोज नकदी निकासी को लेकर ग्राहकों और प्रबंधन के बीच जोर-आजमाइश होती है। ग्राहक ज्यादा पैसा निकालना चाहते हैं, जबकि बैंक प्रबंधन सभी ग्राहकों की दुहाई देकर थोड़ा बहुत रकम देकर काम चला रहे हैं। उनका कहना है कि रिजर्व बैंक की तरफ से पर्याप्त नकदी नहीं मिलने की वजह से ऐसी स्थिति बनी है।
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money
हालांकि केन्द्रीय वित्त मंत्रालय का कहना है कि इस समय देशभर में स्थिति सामान्य है। यदि कहीं कोई दिक्कत होगी तो उसे ठीक किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर में भी यही हालत है। वहां स्टेट बैंक की एक ग्रामीण शाखा में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि उनके यहां बीते 13 मार्च को नोटों की आपूर्ति हुई थी, उसके बाद नौ अप्रैल को नोट आए हैं।
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बरामद हुआ धन - फोटो : amar ujala
26 दिन के बाद नोट आते हैं वह भी पांच-छह लाख। ऐसे में कैसे काम चलेगा क्योंकि गांवों में तो अधिकतर ग्राहक नोट निकालने ही आते हैं, जमा करने कम ही आते हैं। खबर है कि योगी आदित्यनाथ ने इसको लेकर बैठक भी की है।
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money
बिहार के मुंगेर, भागलपुर और झारखंड के गोड्डा, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ समेत कई जिलों में भी नकदी की कमी की वजह से अधिकतर एटीएम खाली होने की खबरें आ रही हैं। एक अग्रणी निजी बैंक के अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि नोटों की आपूर्ति कम है, तब भी उनके यहां नोटों की किल्लत नहीं है। इसकी वजह यह है कि इन बैंकों में ज्यादातर कारोबारियों के खाते हैं और वे दिनभर की बिक्री जमा करते हैं तो बैंक के पास पर्याप्त नकदी एकत्रित हो जाती है। अधिकारी का कहना है कि वह कारोबारियों की दुकान में जा कर जमा ले रहे हैं, इसलिए कारोबारी सरकारी बैंक के बजाय उनके यहां नोट जमा कराते हैं।

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राबर्ट्सगंज में बंद पड़ा एटीएम। - फोटो : सोनभद्र
ब्रांच एटीएम में भी पैसे नहीं
स्थिति ऐसी हो गई है कि बैंक शाखा में लगे एटीएम से भी पैसा नहीं निकल पा रहा है। हालांकि, ये एटीएम ऑनलाइन हैं और इनमें पैसा है या नहीं, इसे क्षेत्रीय मुख्यालय में बैठ कर भी जाना जा सकता है। लेकिन शाखा प्रबंधक इसका भी जुगाड़ निकाले हुए हैं। वे एटीएम में नोट तो भरते हैं लेकिन एटीएम का शटर गिरा देते हैं। हर दिन अंदर के दरवाजे से कुछ ग्राहकों को एटीएम से पैसे निकालने दिया जाता है, ताकि उच्च प्रबंधन को एटीएम चालू रहने का संकेत मिलता रहे।
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rbi - फोटो : SELF
रिजर्व बैंक को इस बारे में जानकारी नहीं
वैसे तो कहा जा रहा है कि गुजरात में आरबीआई के रीजनल ऑफिस को नकदी के किल्लत की जानकारी थी। लेकिन जब अमर उजाला ने इस बारे में रिजर्व बैंक का पक्ष जानने का भी प्रयास किया। बैंक के प्रवक्ता ने बताया कि अभी तक उन्हें इस तरह की कोई जानकारी नहीं मिली है। फिर भी वह संबंधित शाखा से इसकी जानकारी जुटा रहे हैं। यदि कहीं दिक्कत है तो उसे दुरुस्त किया जाएगा।
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