दिल्ली के शकूरबस्ती में रेलवे द्वारा 500 से ज्यादा झुग्गियां तोड़ने के दौरान एक बच्ची की मौत का मामला काफी तूल पकड़ चुका है। वहीं यहां एक झांसी की महिला मनीषा ने एक बच्ची को जन्म दिया है।
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उजड़ा घरः कहीं मौत का मातम, कहीं जिंदगी की किलकारी
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सर से छत छिन जाने के बाद जन्मी इस बच्ची को लेकर उसकी मां खुले आसमां के नीचे रात गुजारने को मजबूर हो गई है।
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बच्ची को खुले में ही जन्म दिया गया और जहां उसे सही देखभाल मिलनी चाहिए वो बस कंबल में ठिठुर रही है।
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बता दें कि झुग्गी टूटने के बाद ही इस बच्ची का जन्म हुआ था जिसे एक दाई की मदद से जन्म दिया।
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उसकी मां भी सही तरीके से आराम नहीं कर पा रही है।
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झुग्गीवालों ने बताया कि बच्ची का जन्म रात एक बजे हुआ और मां और बच्ची दोनों ठीक हैं। लेकिन घर का इंतजाम ना होने से बहुत परेशानी हो रही है।
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बता दें कि इस समय दिल्ली में रात का तापमान 7 डिग्री तक पहुंच रहा है ऐसे में बेघर मां और बच्ची के लिए यह समय काफी मुश्किल है।
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वहीं खबर ये भी है कि दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने उस परिवार की मदद का ऐलान किया है जिसकी 6 माह की बच्ची अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान मारी गई थी।
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राहुल गांधी भी आज शकूरबस्ती आकर लोगों से मिले और मदद का भरोसा दिलाया।