राष्ट्रीय परिषद की बैठक में आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर का संघर्ष सड़क पर आ गया। बृहस्पतिवार दोपहर बाद बैठक खत्म होने पर वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास व विधायक अमानतुल्ला खान के समर्थक आमने-सामने आ गये। दोनों समथकों ने दोनों नेताओं की गाड़ी रोकने की कोशिश की।
विज्ञापन
2 of 5
kumar vishwas
बैठक खत्म होने पर बाहर निकलते वक्त पहले कुमार विश्वास के समर्थकों ने विधायक अमानतुल्ला की गाड़ी रोकी, तो अमानत के समर्थकों ने भी कुमार विश्वास की गाड़ी रोकी। दोनों के बीच जमकर नारेबाजी हुयी। हालांकि, इस वक्त तक मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बैठक स्थल से चले गये थे।
विज्ञापन
3 of 5
Kumar vishwas
इस हंगामे से कुमार विश्वास काफी खफा भी दिखे। उन्होंने ट्वीट कर इशारों में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधा। बकौल विश्वास, ख़ुशियों के बेदर्द लुटेरों, गम बोले तो क्या होगा। ख़ामोशी से डरने वालों, हम बोले तो क्या होगा? वहीं, मीडिया से बातचीत में कहा कि वह इस दिन के लिये जंतर-मंतर या रामलीला मैदान पर नहीं गये थे। आप उनकी पार्टी है।
4 of 5
KUMAR VISHWAS
अमानतुल्ला खान पर निशाना साधते हुये उन्होंने कहा कि जो लोग 20-25 साल तक दूसरी पार्टी की नौकरी कर आए हैं, वही लोग पार्टी छोड़कर जाएंगे। बकौल विश्वास, पहले पता था कि भाजपा और कांग्रेस को उनके बोलने से डर लगता है, पर अब लगता है कुछ और लोगों को उनके बोलने से डर लगता है। पार्टी ने उन्हें नहीं बोलने को कहा है, तो वह नहीं बोले। विश्वास ने एक फिर अमानतुल्लाह को पूरे प्रकरण का मुखौटा बताया।
इससे पहले राष्ट्रीय परिषद की बैठक के एजेंडे में वक्ताओं की लिस्ट से कुमार विश्वास का नाम गायब था। सूत्र बताते हैं कि बैठक शुरू होने पर कई कार्यकर्ताओं ने इस पर सवाल किया। इस पर बैठक का शुरुआती भाषण कर रहे वरिष्ठ नेता व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विश्वास को बोलने के लिये बुलाया। लेकिन विश्वास तैयार नहीं हुये। उन्होंने कहा कि फिलहाल अगर उनका नाम वक्ताओं की सूची नहीं है तो कोई बात नहीं। वह बाद में जरूरत पड़ी तो कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।