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ये है भारत का पहला मकबरा, ताज ने भी की नकल

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19 नवंबर से 25 नवंबर तक वर्ल्ड हेरिटेज वीक मनाया जा रहा है। इस वीक में देखिए कुछ ऐसी ऐतिहासिक धरोहरें जो देखने में तो खूबसूरत है हीं साथ ही उनके इतिहास की परतों में छुपे किस्से भी बड़े दिलचस्प हैं। ये वो कहानियां जो विरासत में मिली इन धरोहरों को हमसे जोड़ती हैं।
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ये है भारत का पहला मकबरा, ताज ने भी की नकल

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दिल्ली में मुगल संस्कृति को जिंदा करता हुमायूं का मकबरा खास है। इतिहास के पन्नों में मुगल शासक हिमायूं के इस मकबरे को भारतीय उपमहाद्वीप में मुगल काल के पहले मकबरे का गौरव प्राप्त है। मकबरे का खाका हिमायूं की बेगम हमीदा बानो के कहने पर बनवाया गया है।
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मीरक मिर्जा गियाथ ने इस मकबरे का खाका तैयार किया था। पारसी कला की तर्ज पर बने मकबरे के चारो तरफ बगीचे बनाये गये हैं। देश के दिल दिल्ली में बना ये खूबसूरत मकबरा हमारी ऐतिहासिक विरासत में चार चाँद लगा रहा है। मकबरे के अंदर हुमांयू के अलावा भी कई हस्तियों की कब्रें मौजूद हैं।

ये है भारत का पहला मकबरा, ताज ने भी की नकल

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1993 में मकबरे को यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित कर दिया। इतिहास की तारीखों के मुताबिक इस मकबरे का निर्माण हुमायूं के निधन के 9 सालों के बाद 1556 में शुरु हुआ। जहां ये मकबरा हुमायूं की मृत्यु 9 साल बाद शुरु हुआ वहीं इसका निर्माण कार्य भी 9 साल में ही पूरा हो पाया।
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30 एकड़ क्षेत्र में फैले इस मकबरे में कई कब्र मौजूद है जिसमें हुमायूं का मकबरा मुख्य स्मारक के तौर पर जाना जाता है।  हुमायूं की पत्नी हमीदा बानो, शाहजहां के बडे़ बेटे दारा शिकोह के अलावा यहां कई अन्य राजदरबारियों की भी कब्र मौजूद हैं। भारतीय उपमहाद्वीप का पहला मकबरा होने की वजह से बाद के सारे मकबरे इसी की तर्ज पर बनाये गये। यहां तक ये भी कहा जाता है कि सात आश्चर्यों में शुमार होने वाला ताजमहल भी इसी की प्रेरणा पर आधारित है।
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