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हर्बल की जगह बिक रहा केमिकल वाला रंग, गंभीर बीमारियों को देगा न्यौता, ऐसे करें बचाव

Wed, 20 Mar 2019 03:31 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
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holi varanasi - फोटो : अमर उजाला
रंगों का पर्व होली में मात्र एक दिन ही बचे हैं। त्योहार के लिए बाजार में सिंथेटिक, मिलावटी रंग और गुलाल की भरमार है। दुकानदार केमिकल और सिंथेटिक रंग हर्बल रंगों के नाम पर बेच रहे हैं। रसायनयुक्त इन रंगों से त्वचा पर बेहद बूरा प्रभाव पड़ता है। कई बार इन रंगों के चलते लोग गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। इन रंगों से चिकित्सक भी लोगों को ऐहतियात बरतने के लिए बोल रहे हैं।
 
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चाइना के रंग मिल रहे बाजार में

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
होली के त्योहार पर सिंथेटिक रंगों का बाजार सज गया है। बाजार में स्वदेशी सहित विदेशों में निर्मित सिंथेटिक रंगों को बेचा जा रहा है। यह रंग हर्बल के नाम पर चाइना में निर्मित रंग बताए जा रहे हैं। रंग-बिरंगे डब्बे में पैक इन रंगों की पहचान करना मुश्किल है। हर्बल रंग 50 से 200 रुपये व समान्य रंग 20 रुपये से 50 रुपये में मिल रहे हैं। 
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आंखों पर चश्मा लगा कर खेलें होली

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
नागरिक अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रमन शुक्ला ने बताया कि होली खेलते समय चाइनीज रंगों से परहेज करें। यह रंग आंखों की रोशनी को खत्म कर सकते हैं। आंखों में लेंस का प्रयोग करने वालों के लिए यह और भी खतरनाक साबित हो सकता है। बेहतर है आंखों पर चश्मा लगा कर होली खेलें। इससे आंखों में रंगों से होने वाली एलर्जी, खुजली और लाली से बचाव रहेगा। यदि आंखों में रंग चला जाए तो साफ पानी से तुरंत आंख धो लें और गुलाबजल आंखों में डालें।

नारियल तेल का प्रयोग चर्म रोग से दिलाएगा छुटकारा

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फाइल फोटो
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज मेहता ने बताया कि केमिकल युक्त रंग चर्म को सूखा बना सकता है। इससे खुजली और जलन की बीमारी हो सकती है। इससे कैंसर होने का भी खतरा रहता है। होली खेलने से पूर्व पूरे शरीर पर नारियल तेल की मालिश कर लें। ताकि रंग त्वचा पर अपनी पकड़ न बना सकें। सूखे रंग और हर्बल रंगों का ही इस्तेमाल करें। अगर कोई व्यक्ति रंग के संपर्क में आ जाता है तुरंत साफ पानी से उस हिस्से को धो लें। 
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अस्थमा के मरीज रखें खास ध्यान

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फाइल फोटो
कोलंबिया एशिया अस्पताल के डॉ. अमिताभ घोष के मुताबिक होली पर अस्थमा के मरीज खास ध्यान रखें। रंगों से थोड़ी दूरी बनाकर रखें और अपनी दवा समय पर लें। सांस के जरिए रंग अंदर जाने से फेफड़ों में संक्रमण हो सकता है। जो फेफड़े के कैंसर का कारण बन जाता है। 
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घर पर ऐसे तैयार करें हर्बल रंग 

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फाइल फोटो
-गाढ़ा पीला रंग पाने के लिए गेंदे के फूलों को उबालकर रात भर पानी में छोड़ दें, इससे आपको पीला रंग मिल जाएगा।
-गाढ़े मैजेंटा रंग के लिए चुकंदर या अनार के छिलके और कैस्टोर के स्टेम का इस्तेमाल करें।
-नारंगी लाल रंग पाने के लिए मेहंदी की पत्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
-रंगों के पेस्ट के लिए हल्दी अथवा लाल चंदन पाउडर का प्रयोग करें।  यह त्वचा के लिए बेहतरीन औषधीय का काम भी करेगा।
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बचाव के उपाय

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फाइल फोटो
-रंगों को शरीर के संवेदनशील हिस्सों में अधिक देर तक टिकने न दें
-आंखों पर चश्मे आदि का प्रयोग करें। 
-मुंह पर मास्क लगाकर होली खेलें।
-शरीर पर नारियल के तेल का प्रयोग करें।
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