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सावधान! शादियों के सीजन में करें घुड़चढ़ी से परहेज, वरना जा सकती है जान

Thu, 11 Jan 2018 12:40 PM IST
ब्यू्रो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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horses buried - फोटो : अमर उजाला
सावधान! अगर आने वाले शादी के सीजन में आप शादी कर रहे हैं और घुड़चढ़ी का प्लान बनाया हुआ है तो ये खबर आपके ल‌िए थोड़ी डराने वाली है। लेक‌िन इस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। दरअसल दिल्ली के घोड़े इन दिनों जहर उगल रहे हैं। इसलिए घोड़ों की नाक पर हाथ न लगाएं। कोई घोड़ा दिखता है तो उसे हाथ से स्पर्श न करें...
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horses buried - फोटो : जीपाल/अमर उजाला
कुछ इस तरह की चेतावनी दिल्ली के पशुपालन विभाग ने जारी की है। बुधवार को एडवाइजरी जारी करते हुए विभाग ने कहा कि दिल्ली में इस समय जानलेवा ग्लेंडर्स को लेकर अच्छी खबर नहीं है। कुछ दिन में एक साथ 37 घोड़े ग्लेंडर्स से संक्रमित होने की जानकारी मिली है। इससे पहले आठ घोड़ों को विभाग संक्रमण के चलते जहर देकर जमीन में दफना चुका है।
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horse
विभाग के निदेशक डॉ. जितेंद्र गौड़ का कहना है कि शुरुआत में कुछ ही घोड़ों में यह संक्रमण सामने आया। इसके बाद 1097 घोड़ों का सैंपल हिसार स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र को जांच के लिए भेजा गया।

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horses buried - फोटो : जीपाल/अमर उजाला
वहां से पिछले सप्ताह टीम दिल्ली आई और चार से पांच जगहों पर जाकर घोड़ों के दोबारा सैंपल लिए। डॉ. गौड़ का कहना है कि ग्लेंडर्स संक्रमण अनुमान से ज्यादा घोड़ों में देखने को मिल रहा है। विभाग अपने स्तर पर तमाम बचाव कार्य कर रहा है। उन सभी इलाकों को सील करने का काम शुरू हो चुका है, जहां के घोड़े संक्रमित पाए गए हैं। 
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horses buried - फोटो : जीपाल/अमर उजाला
चार घोड़ों वालों पर खतरा
विभाग की एडवाइजरी में कहा गया है कि जिनके घर पर दो से ज्यादा घोड़े हैं, उन्हें इस संक्रमण से बचने के लिए ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। एक साथ घोड़ों को खाना न दें। एक घोड़े को हाथ लगाने के बाद दूसरे को न लगाएं। घोड़े की नाक को स्पर्श कतई न करें। घोड़े को बुखार हो और नाक से तरल पदार्थ निकल रहा हो तो तत्काल नजदीकी अस्पताल को सूचित करें। अन्य घोड़ों, गधों या खच्चर को उसके संपर्क से दूर रखें। पानी के जरिये यह संक्रमण तेजी से फैल सकता है। 
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अभी वक्त है बचाव का 
जानवरों से इंसानों तक में फैलने वाले जानलेवा संक्रमण के अचानक सामने आने के सवाल पर डॉ. गौड़ का कहना है कि अभी वक्त बचाव का है। यह संक्रमण कहां से शुरू हुआ और फैला कैसे, इस पर भी जांच शुरू कर दी गई है। उसके परिणाम आने से पहले दिल्ली के करोड़ों लोगों और लाखों पशुओं का जीवन संकट से बचाना जरूरी है।
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