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अगर सोचते हैं कि पहले के करों से ज्यादा लग रहा है GST, तो जानें ऐसे 7 अफवाहों के सच

Mon, 03 Jul 2017 03:38 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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gst - फोटो : सोशल मीड‌िया
जीएसटी को लागू हुए तीन दिन हो चुके हैं। इस दौरान इस नई व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। इसी के बाद राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने तुरंत दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने इन अफवाहों और उनकी वास्तविकता क्या है इसके बारे में एक ट्वीट किया है।
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GST
अधिया ने ट्वीट किया है, "जीएसटी के बारे में सात मिथक चल रहे हैं, जो सही नहीं हैं। मैं बारी-बारी से बताना चाहता हूं कि वे मिथ क्या हैं और उनकी वास्तविकता क्या है। कृपया इन पर गौर करें।" एक अफवाह फैलाई गई कि व्यक्ति बिजली, पानी जैसी सेवाओं के बिलों का भुगतान क्रेडिट कार्ड के जरिए कर रहा है तो वह दो बार जीएसटी का भुगतान कर रहा है। अधिया ने इसे पूरी तरह से गलत करार दिया है। आगे जानें वो 7 म‌‌िथक व उनकी वास्तव‌‌िकता जो सोशल मीड‌िया पर तेजी से शेयर हो रहे हैं-
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Chandigarh GST
उन्होंने जीएसटी के बारे में चल रहे मौजूद मिथकों को एक-एक कर स्पष्ट किया :

अफवाह 1- अब मुझे सभी इनवॉइस कंप्यूटर/इंटरनेट पर ही निकालने होंगे।
वास्तविकता- इनवॉइस हाथ से भी बनाए जा सकते हैं।

अफवाह 2- जीएसटी के अंतर्गत व्यवसाय करने के लिए पूरे समय इंटरनेट की जरूरत होगी।
वास्तविकता- इंटरनेट की जरूरत सिर्फ मंथली जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के लिए होगी। Seven myths of GST and Reality in one picture. pic.twitter.com/7haf5mYq6e — Dr Hasmukh Adhia (@adhia03) July 2, 2017

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GST SHIMLA
अफवाह 3- नई जीएसटी दरें पहले के वैट से अधिक हैं।
वास्तविकता- यह उत्पाद शुल्क और अन्य करों के कारण अधिक लगती है, जो पहले नहीं दिखती थी, और अब जीएसटी में मिला दी गई है और इसलिए दिखाई दे रही है।

अफवाह 4- मेरे पास प्रोविजनल आईडी है, लेकिन कारोबार करने के लिए अंतिम आईडी का इंतजार कर रहा हूं।
वास्तविकता- प्रोविजनल आईडी ही आपका अंतिम जीएसटीआईएन संख्या होगा। कारोबार शुरू कीजिए। बंद रखने की जरूरत नहीं है।
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GST
अफवाह 5- मेरे कारोबार से संबंधित वस्तुएं पहले कर मुक्त थीं, इसलिए मुझे अब कारोबार शुरू करने से पहले तत्काल नए पंजीकरण की जरूरत होगी।
वास्तविकता- आप कारोबार जारी रख सकते हैं और 30 दिनों के भीतर पंजीकरण करा लीजिए।

अफवाह 6- हर महीने तीन रिटर्न दाखिल करने होंगे।
वास्तविकता- तीन हिस्सों वाला सिर्फ एक ही रिटर्न है, जिसमें से पहला हिस्सा कारोबारी द्वारा दाखिल किया जाएगा और दो अन्य हिस्से कंप्यूटर से खुद ही दाखिल हो जाएंगे।

अफवाह 7- छोटे कारोबारियों को भी रिटर्न में इनवॉइस वार विवरण दाखिल करने होंगे।
वास्तविकता- खुदरा कारोबारियों (बी2सी) को केवल कुल बिक्री का सार भरने की जरूरत होगी।
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