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Harish Rana Euthanasia: हरीश को नहीं दिया जा रहा कोई ऑक्सीजन सपोर्ट, चरणबद्ध तरीके से हटा रहे जीवन रक्षक उपकरण

Tue, 17 Mar 2026 08:33 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

गाजियाबाद की राजनगर एक्सटेंशन की राज एम्पायर सोसायटी निवासी हरीश राणा को एम्स नई दिल्ली में मंगलवार से पानी भी देना बंद कर दिया जाएगा। इस तरह वे धीरे-धीरे इस दुनिया से अलविदा कहेंगे। सोमवार को मेडिकल कमेटी की बैठक हुई। जिसमें निष्क्रिय इच्छामृत्यु की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। हरीश को कोई ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं दिया जा रहा है। 
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Harish Rana Case - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान), नई दिल्ली में गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन निवासी हरीश राणा के मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की प्रक्रिया जारी है। अस्पताल प्रशासन ने निर्णय लिया है कि मंगलवार से हरीश राणा को पानी देना भी बंद कर दिया जाएगा, जो इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस निर्णय के साथ ही, धीरे-धीरे जीवन रक्षक उपकरणों को हटाकर उन्हें इस दुनिया से विदा करने की तैयारी की जा रही है।

सोमवार को एम्स में एक मेडिकल कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें निष्क्रिय इच्छामृत्यु की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में यह तय किया गया कि हरीश राणा को अब किसी भी प्रकार का ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं दिया जाएगा। अब तक उन्हें केवल ट्यूब के माध्यम से पोषण और हाइड्रेशन प्रदान किया जा रहा था, जिसे भी बंद कर दिया गया है।
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बेटे हरीश के साथ मां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मंगलवार से पानी देना बंद करने के बाद, पोषण और हाइड्रेशन के लिए लगी ट्यूब पर कैप लगा दिया जाएगा, लेकिन उसे उनके शरीर से हटाया नहीं जाएगा। एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम लगातार हरीश राणा के स्वास्थ्य की हर धड़कन और नब्ज पर मॉनिटर के जरिए कड़ी नजर रख रही है। जीवन रक्षक उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
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बेटे हरीश के साथ पिता - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आधिकारिक प्रतिक्रिया और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन
हालांकि, एम्स अस्पताल प्रशासन ने इस मामले पर आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है और कोई भी औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। 

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हरीश राणा की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों की 5 से 9 सदस्यों वाली एक मल्टीडिसिप्लिनरी टीम सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार हर कार्रवाई को अंजाम दे रही है। एम्स के शांत गलियारों में इस समय एक अत्यंत कठिन और भावनात्मक निर्णय की प्रक्रिया चल रही है, जहां चिकित्सा विज्ञान, कानूनी प्रावधान और मानवीय संवेदनाएं एक साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ी हैं।
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बेटे हरीश के साथ माता-पिता - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह है मामला
जुलाई 2010 में हरीश ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था। वर्ष 2013 में वह अंतिम वर्ष के छात्र थे। इसी दौरान अगस्त 2013 में रक्षाबंधन वाले दिन बहन से मोबाइल फोन पर बात करते हुए पीजी की चौथी मंजिल से गिर गए थे। गंभीर रूप से घायल हरीश को तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया। बाद में दिसंबर 2013 में उसे दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि वह क्वाड्रिप्लेजिया से ग्रसित है।
 
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हरीश राणा की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस स्थिति में उसके हाथ-पैर पूरी तरह निष्क्रिय हो गए और वह जीवन भर बिस्तर पर रहने को मजबूर हो गए। हरीश के असहनीय दर्द और शारीरिक अक्षमता के कारण माता-पिता ने दिल्ली हाईकोर्ट में इच्छामृत्यु की अपील की, जिसे 8 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। करीब आठ महीने बाद 11 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हरीश को इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति दे दी।

 
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हरीश राणा का फ्लैट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कब क्या हुआ
जुलाई 2010 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया।
21 अगस्त 2013 की रात बहन से बात करते हुए पीजी की चौथी मंजिल से गिरकर घायल।
अगस्त 2013 में पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के लिए भर्ती।
दिसंबर 2013 में दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में कराया गया भर्ती।
वर्ष 2013 डॉक्टरों ने बताया हरीश क्वाडिप्लेजिया से ग्रसित।
वर्ष 2020 में दिल्ली से राजनगर एक्सटेंशन के राज एंपायर में परिवार हुआ शिफ्ट।
वर्ष 2021 में पिता अशोक राणा को दिल्ली में स्थित तीन मंजिला मकान बेचना पड़ा।
8 जुलाई 2025 हाईकोर्ट दिल्ली से इच्छा मृत्यु की अर्जी खारिज।
11 मार्च 2026 को इच्छामृत्यु को सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी।
14 मार्च को हरीश राणा को गाजियाबाद से दिल्ली स्थित एम्स ले जाया गया।
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