गोली लगने के बाद से ब्रेन डेड घोषित ध्रुव भले ही मौत से जंग हार गया, लेकिन अंगदान कर तीन जिंदगियों में ‘ध्रुव’ तारे की तरह चमकता रहेगा। ध्रुव के अंतिम सांस लेने से पहले परिजनों ने उसके अंग दान करने का निर्णय लिया था। शोक संतप्त परिवार के करीबी रिश्तेदारों की मानें तो ध्रुव अंगदान व नेत्रदान को लेकर चलने वाली मुहिम में हिस्सा लेता था और लोगों को जागरूक करता था। कई कार्यक्रमों में अंगदान की शपथ दिलवाता था। इसी को ध्यान में रखते हुए परिजनों ने उसके ब्रेन डेड घोषित होने के बाद अंगदान करने का निर्णय लिया।