गुरुग्राम के सेक्टर-50 थाना क्षेत्र के उप्पल साउथ एंड के एस ब्लॉक में रहने वाले वैज्ञानिक श्रीप्रकाश सिंह (55) ने अपनी पत्नी कोमल उर्फ सोनू (52) व दोनों बच्चों अदिति (21) व आदित्य (14) की हत्या कर आत्महत्या कर ली। मकान नंबर 299 में सोमवार सुबह खाना बनाने के लिए पहुंची नौकरानी मधु उस वक्त बेसुध हो गई जब उसने पूरे परिवार के शव पड़े देखे। पड़ोसियों ने उसे बहुत ही मुश्किल से संभाला। करीब दो घंटे बाद मधु को होश आया। रोजाना की तरह सोमवार सुबह साढ़े 6 बजे परिजनों सहित प्ले स्कूल के करीब 25 बच्चों का खाना बनाने के लिए श्रीप्रकाश के घर पहुंची थी।
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gurugram murder and suicide
- फोटो : सुदर्शन झा
करीब 10 मिनट तक उसने दरवाजा खटखटाया, लेकिन किसी ने भी दरवाजा नहीं खोला। उसने पड़ोस में रहने वाले आर के माथुर के परिवार को इसकी सूचना दी। माथुर ने श्रीप्रकाश के मोबाइल पर फोन किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। एक बार तो माथुर परिवार को लगा कि हो सकता है कि श्रीप्रकाश परिवार सहित अचानक कहीं बाहर चले गए हों, लेकिन घर के अंदर से जब कुत्तों के भोंकने की आवाज आई तो उन्हें थोड़ा शक हुआ।
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- फोटो : सुदर्शन झा
इस पर उन्होंने दरवाजा खटखटाते हुए आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों, सोसाइटी के सुरक्षाकर्मियों तथा पुलिस को मौके पर बुलवाया। पुलिस की मौजूदगी में एक सुरक्षाकर्मी को बाथरूम की ग्रिल तोड़कर घर के अंदर प्रवेश करवाया, लेकिन कुत्तों के काटने के डर से उसे अंदर नहीं जाने दिया। ऐसे में वह व्यक्ति अंदर जाकर नौकरानी को नीचे उतारने के लिए जगह बनाकर वापस बाहर आ गया। इसके बाद पुलिस ने नौकरानी को घर के अंदर उतारा तो उसने बेडरूम में जमीन पर सोनू तथा बेड पर बच्चों के खून से लथपथ शव देखकर चीख मार दी और बेसुध होने लगी।
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- फोटो : सुदर्शन झा
चीख सुनकर पुलिस को यकीन हो गया कि अंदर कुछ जरूर गड़बड़ है। पुलिस ने मुख्य दरवाजा तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया। नौकरानी को बेसुध हालत में बाहर लेकर आए और पडोसियों के घर के पास बैठाया। पुलिस के मुताबिक, नौकरानी भी परिजनों की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। करीब दो घंटे बाद नौकरानी ने अपना होश संभाला। नौकरानी ने बताया कि रविवार को वह शाम के वक्त खाना बनाने नहीं आती। सुबह ही वह दोपहर तक का खाना बनाकर चली जाती है।
रविवार को केवल परिवार का खाना बनाना होता है, लेकिन अन्य दिनों में उन्हें परिवार सहित सी ब्लॉक उप्पल साउथ एंड के दीप प्ले स्कूल के 25 बच्चों का खाना बनाना होता है। छुट्टियों के बाद रविवार को पहले दिन स्कूल खुलना था जिसके लिए सोनू ने उसे समय पर आने के लिए कहा था। वहीं दोपहर करीब 12 बजे आई घर की दूसरी नौकरानी जूली को भी परिजनों की मौत का सदमा लगा। करीब 1 घंटे तक वह इस सदमे में पड़ोसियों के घर के बाहर बैठी रही।