ग्रेटर नोएडा के अच्छेजा गांव में चोटी काटने की घटना के बाद पुलिस ने जांच के बाद चौंकाने वाला बयान दिया है।
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बादलपुर कोतवाली प्रभारी केके राणा का कहना है कि बाल काटने की घटना बरसात में निकलने वाले मैकी कीड़े के कारण हो रही हैं। उन्होंने इस संबंध में राजस्थान सरकार के नाम से सोशल साइट पर डाले गए पोस्ट का न केवल हवाला दिया है बल्कि पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप पर इस पोस्ट को शेयर भी किया है।
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बाल काटने की जिस घटना ने राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उप्र में कोहराम मचाया हुआ है। जिस घटना को लेकर आगरा में वृद्धा की हत्या की जा चुकी है। उस घटना कारण पुलिस ने एक मैकी नाम के कीड़े को बताया है। दरअसल, एक ही गांव में चोटी काटने के दो मामले सामने आने के बाद बादलपुर कोतवाली प्रभारी केके राणा ने मौके पर जाकर पड़ताल की। राणा के मुताबिक, छात्रा शिखा के परिजनों ने इस मामले में कोई लिखित शिकायत देने से इंकार किया है। वहीं, सोनी के परिजन दूसरे परिवार पर आरोप लगा रहे थे लेकिन बाद में उन्होंने लिखित में समझौता कर लिया। राणा ने बताया कि बरसात में निकलने वाला मैकी कीड़ा जब बालों पर चलता है तो वहां से बाल कट जाते हैं।
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अफवाहों पर कसनी होगी लगाम हरियाणा, दिल्ली व राजस्थान के बाद अब ग्रेटर नोएडा के गांव अच्छेजा में तीन दिन पूर्व एक लड़की की चोटी कटने तथा बीती रात में इंटरमीडिएट की छात्रा की चोटी कटने की घटना सामने आई है। बीती रात हुई घटना के बाद अच्छेजा और आसपास के गांवों में इसी पर चर्चा हो रही है। इस घटना पर ग्रामीणों ने अपने विचार रखें। बातचीत के दौरान ज्यादातर ग्रामीणों ने अफवाहों पर लगाम लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद अफवाहें तेजी से फैलती हैं जिन्हें मिलकर रोका जाना चाहिए।
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घटना समझ के परे
बाल काटने की घटना समझ से परे है। घर का मेन गेट बंद था। बेटी अपनी दादी और माता के पास चारपाई पर सो रही थी। बाल कटने के बाद भी शिखा कॉलेज जाने के लिए तैयार हो गई, लेकिन बाद में उसे रोक लिया। हमारी किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं है।- राजपाल, पीड़ित शिखा छात्रा के पिता।
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अफवाह बनाकर बढ़ावा नहीं देना चाहिए
गांव की लड़कियों के बाल कटने की घटना परेशान करने लायक है, फिर भी अफवाह बनाकर बढ़ावा नहीं देना चाहिए। अन्य जगहों पर जो चोटी कटने की बात सामने आ रही है। ऐसी खबरों का असर बच्चों पर पड़ता है।- राधे नागर, निवासी अच्छेजा
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सहयोग करें ग्रामीण
गांव में बाल कटने के मामले को शांत करने में सभी ग्रामीणों को सहयोग करना चाहिए। ऐसे मामलों में छात्र-छात्राओं को विश्वास नहीं करना चाहिए, जिससे उनके काम प्रभावित न हों। अपने काम पर ध्यान दें।- बाबू सिंह निवासी, अच्छेजा
डरें नहीं, मजबूत बनें
बाल कटने जैसी घटनाओं से डरने की कोई बात नहीं है। ऐसी घटनाओं पर विराम लगाने के लिए महिलाओं को मजबूत होना होगा। कई बार ऐसे मामले आते रहते हैं उन पर ध्यान नहीं देना चाहिए। गांव में अगर कोई घटना होती है तो उसके लिए महिला डरे नहीं, बल्कि हिम्मत का परिचय दें।- ज्योति नागर, निवासी अच्छेजा