सलीमुद्दीन के बारे में पुलिस को जानकारी मिली है कि वह पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट की आड़ में धर्मांतरण का धंधा चला रहा था। खुफिया एजेंसियां इसकी गहराई से पड़ताल कर रही हैं। जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं। जांच में पता चला है कि वह जगह-जगह धार्मिक तकरीरें देता था। उससे प्रभावित होने वाले लोगों को पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट में बुलाता था। यहां धर्मांतरण कराया जाता था।
सलीमुद्दीन विजय नगर सेक्टर -12 का निवासी है। यहीं पर उसका फलाह ए आम पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट है। डासना देवी मंदिर में घुसे विपुल विजयवर्गीय का धर्मांतरण भी यहीं पर कराया गया था। विपुल नागपुर का निवासी है। सलीमुद्दीन कई बार नागपुर जा चुका है। वहां उसने धार्मिक तकरीरें दीं। सलीमुद्दीन से प्रभावित होकर विपुल ने उससे संपर्क किया।
उसने उसे इंस्टीट्यूट में बुला लिया। यहां गाजियाबाद के संजय नगर निवासी आयशा नाम की एक छात्रा पढ़ती थी। विपुल की उससे दोस्ती हो गई। इस पर सलीमुद्दीन ने विपुल का धर्म परिवर्तन कराकर उसका नाम रमजान रख दिया। इसके बाद आयशा से उसका निकाह करा दिया। आयशा का भाई ही कासिफ है जो विपुल के साथ काशी बनकर डासना देवी मंदिर में घुसा था। कासिफ मेरठ रोड स्थित एक फैक्टरी में अकाउंटेंट है।
पुलिस को आशंका है कि इंस्टीट्यूट में सलीमुद्दीन ने और भी लोगों का धर्मांतरण कराया है। यहां पढ़ चुके सभी छात्रों का ब्योरा पुलिस ने पहले ही जुटा लिया है। अब सभी के बारे में पड़ताल की जा रही है। ऐसी भी जानकारी है कि फलाह ए आम इंस्टीट्यूट को कई जगह से चंदा मिल रहा था।
इस चंदे के बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। उसके बैंक खातों की डिटेल निकलवाई गई है। सलीमुद्दीन के मोबाइल की कॉल डिटेल भी पुलिस ने जुटा ली है। इंस्टीट्यूट में उससे मिलने के लिए कई लोग आते थे। उनके बारे में भी पता किया जा रहा है।
सलीमुद्दीन धर्मांतरण कराने वाले गिरोह से जुड़ा हुआ था। सलीमुद्दीन के जुड़े विपुल और कासिफ को मसूरी पुलिस जेल भेज चुकी है। सलीमुद्दीन ने ही विपुल का धर्म परिवर्तन कराया और कासिफ की बहन से उसकी शादी कराई। गाजियाबाद में कितने लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया, इसका पता लगाया जा रहा है।- अमित पाठक, एसएसपी
डासना देवी मंदिर प्रकरण में सलीमुद्दीन सोमवार रात करीब 8:40 बजे डासना जिला कारागार से रिहा हो गया। इस दौरान उसने पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी सफाई पेश की। कहा कि उसने किसी का जबरन धर्म परिवर्तन नहीं कराया।
साथ ही विपुल विजयवर्गीय को उकसाकर डासना देवी मंदिर भेजने के आरोप को भी निराधार बताया। सलीमुद्दीन ने कहा कि विपुल अपनी मर्जी से मंदिर गया था।
उसने कहा कि अगर किसी ने धर्म परिवर्तन किया होगा तो वह अपनी मर्जी से और संवैधानिक तरीके से किया होगा। विपुल विजयवर्गीय का धर्म परिवर्तन कराने के सवाल पर कहा कि उसने भी अपनी मर्जी से धर्मांतरण किया था।