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Salim Wastik: दो माह तक 'कातिल' को सुरक्षा देती रही पुलिस, नहीं खंगाली कुंडली; घर के भेदी ने सलीम को पकड़वाया

Sun, 26 Apr 2026 01:27 PM IST
Sharukh Khan रिची कुमार, अमर उजाला, लोनी (गाजियाबाद)

सार

मजहबी कट्टरता के खिलाफ वीडियो बनाकर खुद को एक्स मुस्लिम बताने वाले सलीम वास्तिक के आपराधिक इतिहास के पन्नों को पलटने वाला कोई और नहीं उसी के घर का भेदी है। इसी भेदी ने दिल्ली की क्राइम ब्रांच से संपर्क साधा और 1995 में हुई एफआईआर, कड़कड़डूमा कोर्ट के आदेश सहित तमाम जानकारी दी।
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Salim Wastik - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
अपहरण, रंगदारी और हत्या के आरोपी सलीम वास्तिक की गिरफ्तारी के बाद लोनी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने बिना कुंडली खंगाले कैसे हत्या के आरोपी सलीम को सुरक्षा मुहैया कराई। इतना ही नहीं जिस-जिस मकान में सलीम किराए पर रह रहा था, उसका भी सत्यापन भी नहीं कराया गया था। अब लोनी पुलिस और बीट अफसरों पर अधिकारियों की टेढ़ी नजर हो गई है। चूंकि इन अधिकारी-कर्मचारियों को इस तरह के प्रकरणों की जानकारी होनी चाहिए।

दरअसल, लोनी में बड़ी संख्या में बाहर से आए लाखों लोग किराये के मकानों में रह रहे हैं। लोग लालच में बिना सत्यापन कराए ही किराये पर मकान दे देते हैं। आम लोगों की तो लापरवाही है ही साथ ही पुलिस पर भी लापरवाह होने के आरोप लग रहे हैं। पूर्व में लोनी में आतंकवादी और बंग्लादेशी भी पकड़े जा चुके हैं। दिल्ली समेत बाहर की पुलिस भी लोनी से कई बड़े अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अगर किरायेदारों का सत्यापन कराए तो बड़ी संख्या में अपराधी गिरफ्तार हो सकते हैं।
 
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Salim Wastik - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लोनी के इन क्षेत्रों में ज्यादा रहते हैं किरायेदार
लोनी के नसबंदी कॉलोनी, इंद्रापुरी कॉलोनी, दो नंबर, इकराम नगर कॉलोनी, रूपनगर कॉलोनी, ट्रॉनिका सिटी, पूजा कॉलोनी, डीएलएफ समेत कई कॉलोनियों में बाहर से आए लोग किराये पर रह रहे हैं। पुलिस अगर सलीम वास्तिक के मामले में सही से काम करती तो सलीम बहुत पहले ही गिरफ्तार हो सकता था।

 
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Salim wastik - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बीट इंचार्ज के साथ खूफिया विभाग भी फेल
लोगों का आरोप है कि सलीम वास्तिक पर हमले के बाद बीट इंचार्ज और खूफिया विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को हत्यारोपी की कुंंडली खंगालनी चाहिए थी, लेकिन हर स्तर पर लापरवाही हुई।
 

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सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले का नया फुटेज - फोटो : वीडियो ग्रैब
जानलेवा हमले के बाद चर्चा में आया वास्तिक
वर्ष 2010 में सलीम गाजियाबाद के लोनी में स्थायी रूप से बस गया। यहां उसने सलीम खान उर्फ सलीम वास्तिक के रूप में नई पहचान बनाई। पूर्व में उसका नाम सलीम खान था। लोनी में सलीम ने महिलाओं के कपड़ों व अन्य सामानों की दुकान खोली। साथ ही जैकेट के आयात-निर्यात का कारोबार शुरू किया।
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सलीम वास्तिक की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
इसी दौरान उसने ‘सलीम वास्तिक एक्स मुस्लिम’ नाम से यूट्यूब चैनल भी शुरू किया। यूट्यूब चैनल पर सलीम धार्मिक मुद्दों और रूढ़िवादी प्रथाओं पर विचार रखता था। उसने कट्टरता व कुरीतियों की आलोचना करने वाले कई वीडियो और पॉडकास्ट साझा किए थे। पहलगाम हमले का विरोध और ऑपरेशन सिंदूर के समर्थन को लेकर भी वह चर्चा में रहा। 
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सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले का नया फुटेज - फोटो : वीडियो ग्रैब
इसी क्रम में 27 फरवरी 2026 को लोनी स्थित उसके कार्यालय पर जीशान और गुलफाम नाम के दो हमलावरों ने उस पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में उसकी गर्दन और पेट पर कई वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। 

 
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एनकाउंटर के बाद जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना के बाद वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। एक मार्च को यूपी एसटीएफ और गाजियाबाद पुलिस ने मुख्य आरोपी जीशान को लोनी क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में मार गिराया, जबकि तीन मार्च को दूसरे आरोपी गुलफाम को इंदिरापुरम के वसुंधरा इलाके में मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया गया। इसके बाद सलीम को सुरक्षा भी मुहैया कराई गई थी। हाल ही में उसको अस्पताल से छुट्टी मिली थी। 
 

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सलीम वास्तिक की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
घर के भेदी ने दिल्ली क्राइम ब्रांच को भेजा सलीम का आपराधिक इतिहास
मजहबी कट्टरता के खिलाफ वीडियो बनाकर खुद को एक्स मुस्लिम बताने वाले सलीम वास्तिक के आपराधिक इतिहास के पन्नों को पलटने वाला कोई और नहीं उसी के घर का भेदी है। इसी भेदी ने दिल्ली की क्राइम ब्रांच से संपर्क साधा और 1995 में हुई एफआईआर, कड़कड़डूमा कोर्ट के आदेश सहित तमाम जानकारी दी। भेदी ने दबिश देने से पहले टीम को इसकी सही लोकेशन और मूक विरोध करने वाले परिवार के बारे में भी बताया।

 

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सलीम की पुरानी फोटो - फोटो : अमर उजाला
सलीम वास्तिक के आपराधिक इतिहास से कमिश्नरेट पुलिस भी अनजान थी। सलीम ने अपने यू-ट्यूब चैनल से ऐसे कई लोगों को जोड़ रखा था जो मजहबी कट्टरता के खिलाफ थे। पाकिस्तान के कट्टरपंथी यूट्यूबर मोहम्मद हमाद बकराती के उकसावे में सलीम पर जनपद अमरोहा के सैदनंगली गांव निवासी जीशान और और उसके भाई ने गुलफाम ने जानलेवा हमला किया।

 

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सलीम की पुरानी फोटो - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद से परिवार का भेदी भयभीत हो गया और मूक विरोध करने लगा। अस्पताल से लौटकर सलीम ने भी कई ठिकाने बदले। मीडिया की सुर्खियों के बाद भी जब उसकी हकीकत लोगों के सामने नहीं आई तो वह घर लौटा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, परिवार के सदस्य उसके मजहबी विरोध से भयभीत होने लगे थे। दोस्त, रिश्तेदार और संप्रदाय के लोग परिवार को उकसाने लगे थे।

 
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यूट्यूबर सलीम वास्तविक
परिवार के उस भेदी को आभास हुआ कि मजहब का विरोध करके वह और उसका परिवार शांति से जीवनयापन नहीं कर पाएगा। ऐसे में इसी घर के भेदी ने सलीम खान उर्फ सलीम वास्तिक का आपराधिक इतिहास क्राइम ब्रांच टीम को सौंप दिया। इसके बाद टीम ने इसी भेदी की लोकेशन और सही जानकारी के मुताबिक दबिश देकर रातोंरात सलीम को उसकी वास्तविक जगह यानि जेल भेज दिया।
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