गाजियाबाद की नई बस्ती की अनाज मंडी में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के सात लोगों की हत्या करने के दोषी राहुल वर्मा (30) को सजा-ए-मौत की सजा सुनाई गई। 21 मई 2013 की रात नौ बजे हुए इस चर्चित हत्याकांड की नौ साल चली सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सोमवार को फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने कहा कि यह अपराध विरल से विरलतम श्रेणी का है। छुरी से गला काटकर जिन लोगों की हत्या की गई, उनमें तीन मासूम बच्चे थे। कहा कि राहुल वर्मा... तुम्हें इस गुनाह के लिए मृत्युदंड दिया जाता है। आपको बता दें कि कारोबारी सतीश गोयल के घर में सात लोग थे, सातों की हत्या कर दी गई। इस वारदात का कोई चश्मदीद नहीं था। ऐसे में हत्यारे को सजा दिलाने में सबसे अहम भूमिका उन पांच सुबूतों की रही जो पुलिस ने जुटाए। डीएनए टेस्ट से साफ हो गया कि जघन्य कांड राहुल ने ही अंजाम दिया है।
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satish goyal murder case
- फोटो : अमर उजाला
1. छुरी : जिस छुरी से राहुल वर्मा ने पूरे परिवार का गला काटा, उसे 80 रुपये में डासना गेट की दुकान से खरीदा था। दुकानदार ने गवाही दी कि राहुल ही छुरी खरीदकर ले गया था।
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satish goyal murder case
- फोटो : अमर उजाला
2. सिगरेट का टुकड़ा : मौका-ए-वारदात पर पुलिस को सिगरेट का एक टुकड़ा मिला। इसमें लगी लार का डीएनए सैंपल लिया गया। राहुल वर्मा की लार का भी डीएनए लिया। दोनों डीएनए एक ही शख्स के पाए गए।
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पूर्व ड्राइवर राहुल
- फोटो : अमर उजाला
3. पंजे का निशान : मौका ए वारदात पर खून से सने पंजे का निशान दीवार पर मिला था। इसका डीएनए सैंपल लिया गया। राहुल के डीएनए से इसका मिलान कराया गया। दोनों एक ही शख्स के थे। इससे साबित हुआ कि वह मौके पर था।
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पीड़ित परिवार की पैरवी करने वाले वकील
- फोटो : अमर उजाला
4. खून से सने कपड़े : राहुल के कपड़ों पर मिले खून के छींटे का डीएनए परीक्षण कराया गया। मृतकों के डीएनए सैंपल लिए गए। दोनों के डीएनए का प्रोफाइल समान मिला।
5. लूटे गए गहने : हत्याकांड के बाद राहुल गहने लूटकर ले गया था। इनमें सचिन की अंगूठी भी थी। गहने राहुल से बरामद हुए। सचिन की बहनों ने अंगूठी सहित सभी गहनों की पहचान की।