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कोरिया के दोस्तों से कैसे होती थी बात?: बिक चुके मोबाइल फोन सुलझाएंगे कोरियन गुत्थी, IMEI नंबर से कर रहे ट्रेस

Thu, 05 Feb 2026 09:18 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, साहिबाबाद (गाजियाबाद)

सार

आठ पेज के सुसाइड नोट में तीनों बहनों के कोरियन दोस्तों से बात करने का जिक्र है। हालांकि, मां के फोन में ऐसे कोई ऐप या गेम नहीं मिले हैं। पुलिस अब बहनों से छीने गए फोन को खोजने में जुटी है। विस्तार से पढ़ें पूरी खबर-
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गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस को घटनास्थल पर मिले आठ पेज के सुसाइड नोट में लिखा है कि किशोरियां अपनी सबसे छोटी चौथे नंबर की बहन देबू की कोरियन दोस्तों से बात कराती थीं। ऐसे में इस सवाल का जवाब तलाशना सबसे अहम हो जाता है कि तीनों बहनों ने किस तरह कोरियन दोस्त बनाए। किस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मदद से बातचीत करती थीं। 
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Ghaziabad Triple Suicide - फोटो : अमर उजाला
हालांकि, किशोरियों की मां के मोबाइल फोन से साइबर टीम को किसी तरह के कोरियन एप व गेम नहीं मिले हैं। ऑनलाइन कोरियन टास्क गेम की जानकारी भी जांच में सामने नहीं आई है। ऐसे में पुलिस अब निशिका और प्राची से छीनकर बेचे गए मोबाइल फोन रिकवर करने में जुटी है। इन्हीं से कोरियन गुत्थी सुलझ सकती है।
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Ghaziabad Triple Suicide - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीनों बहनों ने जिस कमरे की खिड़की से छलांग लगाकर आत्महत्या की थी। वहां फॉरेंसिक टीम को बच्चियों की मां का मोबाइल फोन मिला था। इसकी शुरुआती जांच पुलिस की साइबर टीम ने की। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को मोबाइल फोन में कोई भी कोरियन एप या गेम नहीं मिला है।

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भारत सिटी सोसायटी के फ्लैट में कमरे की दीवार पर किशोरी ने लिखी लाइन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक मोबाइल फोन तीन माह, दूसरा 10 दिन पहले छीनकर बेचा
जांच में यह भी सामने आया कि करीब छह माह पहले चेतन ने निशिका और प्राची को एक-एक मोबाइल फोन दिलवाया था। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने घटना से तीन माह पहले एक मोबाइल फोन और 10 दिन पहले दूसरा मोबाइल फोन बेटियों से छीनकर बेच दिया था।  

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भारत सिटी सोसायटी के फ्लैट में तीन किशोरियों की सामूहिक आत्महत्या के बाद पुलिस को मिला नोट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आईएमईआई नंबर से कर रहे ट्रेस
अधिकारियों का कहना है कि बेचे गए दोनों मोबाइल फोन का आईएमईआई नंबर सर्विलांस टीम ट्रेस कर रही है। साथ ही मौके पर मिले मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।
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इसी सोसायटी में तीन किशोरियों ने की खुदकुशी - फोटो : पीटीआई

कई बार बेटियों को समझाया: चेतन
भले ही पुलिस की शुरुआती जांच में ऑनलाइन टास्क गेम की बात सामने न आई हो, लेकिन पिता चेतन कुमार का कहना है कि तीनों किशोरियां तीन साल से टास्क गेम खेल रही थीं। उन्होंने यह भी बताया कि बेटियां कोरिया जाने की जिद करती थीं। इस संबंध में कई बार उन्होंने बेटियों को समझाकर शांत कराया। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद तीनों नाबालिग बहनों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए निगम बोध घाट ले जाया गया।

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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : पीटीआई

पत्रकारों से बातचीत में चेतन ने बताया कि उनकी तीनों बेटियां स्कूल नहीं जा रही थीं। पूर्व में फेल होने की वजह से शर्म के चलते बेटियों ने स्कूल जाना बंद कर दिया था। इसके बाद वह मोबाइल में कोरियन टास्क गेम खेलने लगीं। बुधवार को हादसे के बाद जब फॉरेंसिक टीम घर पहुंची तो उन्होंने मोबाइल में गेमिंग एप देखे। पिता के अनुसार, हादसे से पहले भी बेटियों के पास मोबाइल था। हालांकि, उन्हें यह जानकारी नहीं है कि वह गेम खेल रही थीं या कुछ और कर रही थीं।

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Ghaziabad Triple Suicide - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्राची थी लीडर
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि तीनों बहनें एकराय होकर रहती थीं। 14 वर्षीय प्राची लीडर थी। वही तय करती थी कि तीनों को क्या करना है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि तीनों बहने एक साथ दैनिक कार्य करती थीं, चाहें वह नहाना हो या फिर खाना खाना। तीनों हर वक्त साथ रहती थीं और जिद्दी स्वभाव की थीं।
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