गाजियाबाद शहर की पॉश कॉलोनी नेहरु नगर थर्ड के ई-ब्लॉक में शुक्रवार को हुई डकैती के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सात अक्तूबर को उद्यमी रमन सरीन के घर हुई 24 लाख की डकैती की वारदात को उनके 20 साल पुराने दोस्त ने अंजाम दिलाया था। आरोपी दोस्त की पहचान संजीव छावड़ा के रूप में हुई है। गाजियाबाद पुलिस ने बुधवार को मुठभेड़ में चार बदमाशों को गिरफ्तार कर डकैती का खुलासा किया। लूटी गई रकम 17 लाख में से सिर्फ 2.40 लाख रुपये ही पुलिस बरामद कर पाई है। इसके अलावा सात लाख के गहने लूटे थे, इनमें से बहुत कम बरामद हुए हैं।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
दोस्ती में दगा दिया, फिर बहाए घड़ियाली आंसू
मोबाइल की दुकान करने वाले कविनगर निवासी संजीव ने पहले दोस्ती में दगा देकर डाका डलवाया और फिर अगले दिन घड़ियाली आंसू बहाने रमन सरीन के घर आया। उसने कहा था कि डकैती का पता चलते ही उसे धक्का सा लगा।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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इतना ही नहीं, वहां मौजूद पुलिस अफसरों से उसने कहा कि आप लोग क्या कर रहे हो? बदमाशों की तलाश में ढिलाई न बरती जाए। बदमाशों की पिटाई से घायल रमन की पत्नी और बेटी की हालत देखकर बोला, हे भगवान... कितने जालिम थे बदमाश।
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जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बताया कि संजीव का रमन सरीन के घर 20 साल से आना जाना है। रमन के पिता राजकुमार उसे बहुत प्यार करते थे। राजकुमार का दो महीने पहले ही निधन हुआ है।
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पीड़ित मां-बेटी
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि गाजियाबाद शहर की पॉश कॉलोनी नेहरु नगर थर्ड के ई-ब्लॉक में सात अक्तूबर शुक्रवार को पांच बदमाशों ने उद्यमी रमन सरीन के घर में दिनदहाड़े 24 लाख का डाका डाला। पिस्टल से लैस बदमाश चेक देने के बहाने से गेट खुलवाने के बाद उद्यमी की पत्नी गीता को धक्का देकर अंदर घुसे।
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Ghaziabad Robbery Case
- फोटो : अमर उजाला
उसके बाद गीता और उनकी बेटी विधि के हाथ-पांव रस्सी से बांध और मुंह पर टेप लगाकर 2:10 से 2:50 बजे तक लूटपाट की। मां-बेटी को थप्पड़ मारे और पिस्टल से प्रहार कर घायल कर दिया। 17 लाख के गहने और सात लाख की नकदी लूटने के बाद बदमाश बाइकों से फरार हो गए।