अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या में नया खुलासा हुआ है। आरोपी यश एशियन गेम्स में चिराग के चयन से बौखला गया था। एक सप्ताह पहले दोस्त के पेटीएम खाते से ही हत्या में इस्तेमाल पिस्टल खरीदी थी। अक्तूबर 2026 में जापान में होने वाले पैरा गेम्स में चिराग हिस्सा लेने वाला था।
अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट चिराग त्यागी को लगातार मिल रहीं सफलताएं उसकी हत्या का आरोपी यश खटीक बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। अक्तूबर 2026 में जापान के नागोया में होने वाले एशियन पैरा गेम्स में दोस्त का चयन हो जाने के बाद तो वह और भी बौखला गया। खुद को अयोग्य घोषित किए जाने से कुंठा और नाराजगी से भरे यश ने इसी ईर्ष्या में साजिश रचकर चिराग की हत्या कर दी। यह खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है।
पुलिस के मुताबिक, रावली रोड (मुरादनगर) निवासी यश ने एक सप्ताह पहले ही अभिनव उर्फ अभय से अपने साथी गगन त्यागी के माध्यम से पिस्टल खरीदी थी। हैरानी की बात यह है कि पिस्टल की कीमत का भुगतान चिराग के पेटीएम खाते से किया गया था। हत्या के बाद भी यश ने गांव पहुंचकर चिराग के बैंक खाते से 3.25 लाख रुपये निकाले थे।
वह विदेश भागने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस ने हत्यारोपी को हथियार उपलब्ध कराने वाले लक्ष्मी एन्क्लेव (मुरादनगर) निवासी गगन त्यागी को भी गिरफ्तार कर लिया है। तीसरा आरोपी मुरादनगर निवासी अभिनव अभी फरार है।
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चिराग त्यागी
- फोटो : अमर उजाला
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार, हत्यारोपी यश ने पूछताछ में बताया कि वह और चिराग दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 400 मीटर दौड़ का अभ्यास करते थे। दिसंबर 2025 में यूथ एशियन पैरा गेम्स के लिए यश के शैक्षिक और चिकित्सीय दस्तावेज (आंखों की बीमारी संबंधी) तैयार कराने में चिराग ने मदद की थी, लेकिन मेडिकल टेस्ट में यश अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
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पुलिस गिरफ्त में चिराग त्यागी के हत्यारोपी यश खटीक और गगन त्यागी। स्रोत: पुलिस
दूसरी ओर चिराग ने हाल में बंगलूरू में आयोजित ओपन नेशनल पैरा गेम्स में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर एशियन पैरा गेम्स का टिकट हासिल कर लिया था। यश को शक था कि जर्मनी भेजी गई उसकी मेडिकल रिपोर्ट और दस्तावेजों में गड़बड़ी कर चिराग ने उसे प्रतियोगिता से बाहर कराया है। इसी शक और ईर्ष्या के चलते उसने गगन त्यागी के साथ मिलकर चिराग की हत्या की साजिश रच डाली।
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चिराग के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
जहां से हमने कॅरियर शुरू किया, वहीं होगा तेरा अंत
पुलिस पूछताछ में यश ने बताया कि 30 मई को उसने चिराग को फोन कर कहा कि एशियन गेम्स के लिए चयन होने पर गांव में उसके सम्मान की तैयारी चल रही है। इसके बाद वह चिराग को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से कैब में बैठाकर गाजियाबाद ले आया। चिराग ने रास्ते में यश खटीक को दिलासा दिया कि अगली बार तेरा चयन जरूर हो जाएगा, चिंता न कर।
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Chirag Tyagi Murder
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हिंडन नदी के नजदीक पहुंचने पर यश ने महामाया स्टेडियम जाने का बहाना बनाया और साईं उपवन में कैब रुकवा दी। दोनों कुछ देर ट्रैक पर टहलते रहे। इसी दौरान यश ने चिराग से कहा कि चिराग, इसी ट्रैक से मैंने और तूने कॅरियर की शुरुआत की थी।
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Chirag Tyagi Murder
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब यहीं तेरी जिंदगी और मेरा कॅरियर खत्म होगा। इसके बाद उसने पीछे से चिराग के सिर में गोली मार दी। जमीन पर गिरने के बाद दूसरी गोली उसकी पीठ में दाग दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, सिर में लगी गोली माथे में जाकर फंस गई, जबकि पीठ में लगी गोली दिल के नीचे से होती हुई शरीर के पार निकल गई।
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Chirag Tyagi Murder
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्या के बाद खाते से निकाले 3.25 लाख रुपये
चिराग और यश के बीच गहरी दोस्ती थी। चिराग के कहने पर ही कोच गजेंद्र सिंह ने यश को जवाहर लाल स्टेडियम में अभ्यास की अनुमति दी थी। वारदात वाले दिन यश ने जरूरत का बहाना बनाकर चिराग से एक ब्लैंक चेक भी ले लिया था। बंगलूरू में जीती गई पुरस्कार राशि के करीब 4.25 लाख रुपये चिराग के खाते में जमा थे।
हत्या के बाद यश सीधे बसंतपुर सैंतली गांव पहुंचा और बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से 3.25 लाख रुपये निकाल लिए। इसके बाद वह फरार होने की तैयारी में था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।