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24 दिन से जिस शख्स को ढूंढने में एक किया जमीन-आसमान, थाने के बाहर खड़ी बस में मिली उसकी सड़ी-गली लाश

Wed, 27 Feb 2019 11:14 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
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ghaziabad missing man found dead - फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के कविनगर थाने के बाहर उस वक्त हड़कंप मच गया जब थाने से मात्र 100 मीटर की दूरी पर खड़ी एक बस खोली गई। गाजियाबाद में शिक्षा विभाग के 24 दिन से लापता जिस कर्मचारी को पुलिस जगह-जगह तलाश रही थी, उसका शव 24 दिन बाद थाने से 100 मीटर की दूरी पर खड़ी सीज की गई बस में मिला। दुर्गंध आने पर पुलिस को शव बस में पड़ा होने की भनक लगी। सड़ी गली हालत में मिले शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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ghaziabad missing man found dead - फोटो : अमर उजाला
मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों के निशान नहीं मिले हैं। जांच के लिए बिसरा प्रिजर्व कर लिया गया है। रजापुर के रहने वाले राजपाल सिंह (56) बेसिक शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। उनकी तैनाती लोनी ब्लाक में थी। 31 जनवरी को वह अपने एक साथी की रिटायरमेंट पार्टी में जावली गांव गए थे। देर रात उनके साथी उन्हें कार से शास्त्री नगर चौराहे पर छोड़कर चले गए थे। इसके बाद वह घर नहीं पहुंचे और संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे।
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ghaziabad missing man found dead - फोटो : अमर उजाला
राजपाल सिंह के बेटे पंकज ने कविनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। तभी से पुलिस और परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। रविवार देर रात कविनगर थाने से 100 मीटर की दूरी पर खड़ी सीज की गई एक बस से दुर्गंध आने की सूचना स्थानीय लोगों ने कविनगर पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बस के अंदर जाकर देखा तो सड़ी-गली हालत में शव पड़ा हुआ था। पुलिस ने राजपाल सिंह के परिजनों को सूचना देकर पहचान कराने के लिए बुलाया तो उन्होंने शव की शिनाख्त कर ली।

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ghaziabad missing man found dead - फोटो : अमर उजाला
बेटा बोला सामान्य मौत नहीं पिता की हुई हत्या
शिक्षा विभाग के कर्मचारी राजपाल सिंह की मौत को पुलिस फिलहाल हत्या भले न मान रही हो, लेकिन परिजन पुलिस की थ्योरी से संतुष्ट नहीं है। मृतक राजपाल सिंह के बेटे के मुताबिक उनके पिता की मौत सामान्य नहीं है, उनकी हत्या कर शव को बस में डाला गया है। वहीं पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कोई चोट के निशान न मिलने और मौत का कारण स्पष्ट न होने की वजह से फिलहाल पुलिस इसे सामान्य मौत मान रही है। यही वजह है कि शव मिलने के बाद भी पुलिस की ओर से गुमशुदगी की रिपोर्ट को हत्या की धाराओं में तरमीम नहीं किया गया है।
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यूपी पुलिस
राजपाल सिंह के बड़े बेटे मनोज उर्फ मोनू चौधरी का कहना है कि उनके पिता के शव पर चोट के निशान पाए गए हैं। एक आंख पर भी चोट लगी थी। खून बिखरा हुआ था। ऐसे में सामान्य मौत कैसे हो सकती है। उनका आरोप है कि पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कविनगर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि थाने के पास 24 दिन उनके पिता का शव पड़ा रहा और पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी तक नहीं लगी। मनोज का आरोप है कि उनके पिता पार्टी से लौटकर सुनसान जगह पर खड़ी बस में अकेले क्यों जाते। उन्हें जबरन वहां ले जाया गया और हत्या का शव फेंक दिया गया।
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