inspector vijay suicide
- फोटो : अमर उजाला
उसका कहना था कि उसके खिलाफ मथुरा में चल रहे मुकदमे में राहत मिली है। उसका दूसरे पक्ष से समझौता हो गया है। हालांकि विवेचना अभी जारी है। वहीं, मथुरा के आला अधिकारी ने भी उसे राहत देने की बात कही है।
100 से अधिक केसों की विवेचना कर रहे थे एसआई- पुलिसकर्मियों पर ड्यूटी, लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना, अपराध नियंत्रण और केसों की विवेचनाओं का भार इतना है कि इससे परेशान होकर वे मौत को गले लगा रहे हैं। दरोगा विजय कुमार ठेनुआ भी 100 से अधिक केसों की विवेचनाएं कर रहे थे, जिसके चलते वह अपने परिवार से बात भी नहीं कर पाते थे। परिजनों की मानें तो वह कई-कई दिन में फोन पर करते थे। बताते थे कि काम का भार है, बाद में बात करूंगा। हाल चाल पूछने के बाद फोन रख देते थे।