पवन के मुताबिक, शासन-प्रशासन उनकी 15 सूत्री मांगें मान ले तो हिंदू धर्म में लौटने पर विचार किया जा सकता है। मांगों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हाथरस कांड में जो कुछ हुआ उसे खत्म किया जाए, डीएम पर कार्रवाई न होना और जाति समाज के प्रति गलत भाषा बोलने से समाज आहत है। पीएम आवास से मकान बनवाए जाएं, बेरोजगारों को नौकरियां दिलाई जाएं, उज्ज्वला योजना में सिलेंडर मिले। यहां पर एक भी गैस कनेक्शन के लिए फार्म नहीं भरवाया गया, वाल्मीकि समाज का धार्मिक स्थल बनवाया जाए, बिजली बिल भी माफ हो। बस्ती में 70 में से 50 मकान बेकार हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि 236 में से सिर्फ 100 लोगों पर ही काम नौकरी है। करहेड़ा के वाल्मीकि समाज में करीब 400 लोग हैं, वो लोग भी दो नवंबर को कोर्ट की सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं।