pankaj udhas
- फोटो : अमर उजाला
-क्या रिमिक्स के दौर में शब्दों का मर्म खत्म होता जा रहा है?
- रिमिक्स में मुझे एक बड़ी कमी खल रही है, वो है शब्दों की। मैं समझता हूं जब तक शब्द न हो तब तक कोई बात पूरी नहीं होती। रिमिक्स में इसी का अभाव है।
-गजल गायकी से आप भजन की तरफ बढ़ रहे हैं। आखिर दोनों में क्या बदलाव देख रहे हैं?
-संगीत की दुनिया के मेरे दोस्तों की राय थी कि आपकी आवाज में वो बात है, जिसका भक्ति में भी अच्छी तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। यह सोचकर मैनें कृष्णा चेंट एल्बम बनाया है। इसमें भगवान कृष्ण के मंत्रोें को अलग अंदाज में रिकॉर्ड किया है ताकि सभी सुकून से सुन सकें।