नोएडा में रीजनल मैनेजर की हत्या कर उनकी कार लूटने वाले बदमाशों ने आठ दिन बाद गाजियाबाद में कविनगर क्षेत्र से टियागो कार लूटी। दोनों ही कारों को बदमाश तीन घंटे के अंतराल में खड़ी करके फरार हो गए थे। बड़ा सवाल यह है कि दो जिलों में वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों ने दोनों कार खड़ी करने को आखिर मसूरी थानाक्षेत्र ही क्यों चुना।
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gaurav chandel murder case
- फोटो : अमर उजाला
बहरहाल दोनों जिलों की पुलिस व एसटीएफ के पास इसका कोई जवाब नहीं है। दोनों घटनाओं को लेकर पुलिस फिलहाल पूरी तरह खाली हाथ है।
गत 6 जनवरी को नोएडा में एक कंपनी के रीजनल मैनेजर गौरव चंदेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बहुचर्चित मामला होने के कारण घटना के खुलासे के लिए नोएडा पुलिस के अलावा एसटीएफ को भी लगाया गया था।
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पुलिस हाथ-पांव पीट ही रही थी कि गौरव चंदेल के हत्यारे गत 14 जनवरी की रात करीब साढ़े 10 बजे गौरव की सेल्टोस कार को मसूरी क्षेत्र के आकाश नगर में छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस पड़ताल में जुटी ही थी कि पता चला कि सेल्टोस कार खड़ी करने से पहले बदमाशों ने कविनगर थानाक्षेत्र से चिराग अग्रवाल की टियागो कार लूटी थी। उक्त कार को भी बदमाश 14 जनवरी को ही रात करीब 1.25 बजे मसूरी थानाक्षेत्र के मिसलगढ़ी में छोड़कर फरार हो गए थे।
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उक्त दोनों घटना में पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लग सके हैं। बदमाश आए और दोनों कारों को एक किलोमीटर की दूरी में खड़ी करके फरार हो गए और नोएडा पुलिस, गाजियाबाद पुलिस व एसटीएफ को भनक तक नहीं लग सकी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि नोएडा में घटनास्थल, कविनगर क्षेत्र में कार लूट का क्षेत्र, आकाश नगर और मिसलगढ़ी में मोबाइल डंप उठाकर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तलाश की जा रही है। लेकिन, अभी तक कोई सुराग पुलिस को नहीं मिला है।
वहीं, बदमाशों ने दोनों कार छोड़ने के लिए मसूरी ही क्यों चुना, पुलिस इसकी पड़ताल भी कर रही है। मसूरी क्षेत्र में कारें खड़ी करने के चलते ही पुलिस ने मिर्ची गैंग द्वारा वारदात करने की आशंका जताई है।