सेल्स मैनेजर गौरव चंदेल के हत्यारों का पता लगाने में विफल नोएडा पुलिस हत्यारों का सुराग देने वालों को इनाम घोषित करने की तैयारी में है। एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद नोएडा पुलिस इस मामले में अंधेरे में तीर मार रही है। पुलिस के हाथ अब तक कोई ठोस सुराग नहीं लगा। केवल सेल्टॉस और टियागो की बरामदगी के भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर गैंग व बदमाशों के बारे पुलिस जानकारी ले रही है।
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gaurav chandel murder case
- फोटो : अमर उजाला
मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। इस मामले में पुलिस को न तो इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम न ही परंपरागत मुखबिरी से कुछ हाथ लगा है। अब पुलिस इस मामले को आम लोगों से जोड़कर सफल होना चाहती है।
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इसके लिए ही पुलिस यह तैयारी कर रही है कि हत्यारों का सुराग देने वाले को उचित इनाम दिया जाएगा। इसके लिए अभी राशि तय नहीं हुई है। पुलिस इस प्रक्रिया को कई हाई प्रोफाइल व अनसुलझे केसों को खोलने के लिए अपनाती रही है। इसमें सूचना देने वालों का नाम पुलिस गुप्त रखती है।
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जांच से हटी कई टीमें
एक पखवाड़े तक वारदात की जांच में जिला पुलिस की 6 से अधिक टीमें लगाई गई थी। शहर के कई थानों की टीमें भी लगी थी। अब कई थानों की टीम जांच से पीछे हट गई। अब कोतवाली फेज थ्री पुलिस सहित कुछ अन्य टीम जांच में लगी है। एसटीएफ की टीम भी काम कर रही है।
टियागो बरामदगी के बाद पुलिस की जांच धीमी
टियागो कार की गाजियाबाद में बरामदगी के बाद पुलिस की जांच और भी धीमी हो गई है। इस घटना के बाद पुलिस बदमाशों के साथ साथ लूटी गई सेल्टॉस को ढूंढ रही थी। बदमाशों का तो अब तक सुराग लगा नहीं लेकिन सेल्टॉस कार मसूरी के आकाश नगर में मिल गई। इसके बाद पता चला कि बदमाश सेल्टॉस से टियागो की लूट की थी और टियागो सीसीटीवी में कैद भी हो गई थी। फिर पुलिस टियागो के पीछे लग गई। अब जब टियागो बरामद हो गई तो पुलिस को अब आगे की कोई कड़ी नहीं सूझ रही।