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गौरव चंदेल की कार ने बिना नंबर के पांच थाने और नौ नाके किए पार, आखिर कहां थी पुलिस

Thu, 16 Jan 2020 12:29 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
नोएडा के बहुचर्चित गौरव चंदेल हत्याकांड का कनेक्शन गाजियाबाद से जुड़ गया है। हत्या के नौ दिन बाद गौरव चंदेल की कार को मंगलवार रात हत्यारे मसूरी थानाक्षेत्र के आकाश नगर में खड़ी करके भाग गए। सूचना पर मसूरी पुलिस पहुंच गई। रातभर निगरानी के बाद बुधवार सुबह पार्किंग स्टीकर पर लिखे नंबर से पड़ताल की तो पुलिस में हड़कंप मच गया।
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- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी, एसपी देहात के अलावा नोएडा पुलिस ने मौके पर पड़ताल की। डॉग स्क्वॉड व फोरेंसिक जांच के बाद नोएडा पुलिस कार अपने साथ ले गई। गौर करने वाली बात यह है कि नोएडा में घटनास्थल से पांच थाने व नौ नाके पारकर हत्यारे कार खड़ी कर गए और पुलिस को भनक तक नहीं लग सकी।
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- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि मूलरूप से कानपुर निवासी गौरव चंदेल गुरुग्राम की सर्जिकल इक्विपमेंट कंपनी के रीजनल मैनेजर थे। वह गौर सिटी के पांचवें एवेन्यू में पत्नी, बेटा और मां के साथ रहते थे। छह जनवरी की रात 10.22 बजे पत्नी ने उन्हें फोन किया तो गौरव ने खुद को पर्थला चौक के पास बताते हुए पांच मिनट में घर पहुंचने की बात कही थी। सुबह सवा चार बजे हरनंदी के पास स्थित स्टेडियम के किनारे सर्विस रोड पर उनका शव मिला था। सिर में गोली मारकर हत्या की गई थी।

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रोती-बिलखती गौरव की पत्नी प्रीति - फोटो : अमर उजाला
बदमाश उनकी सेल्टोस कार, दो मोबाइल, लैपटॉप सहित अन्य सामान लूट ले गए थे। हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस के अलावा यूपी एसटीएफ को भी लगाया गया था। नोएडा पुलिस खुलासे के लिए हाथ-पांव पीट ही रही थी कि बुधवार सुबह करीब नौ बजे गाजियाबाद पुलिस ने गौरव चंदेल की कार मसूरी क्षेत्र के आकाश नगर में खड़ी होने की बात कही।
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घटनास्थल पर धब्बों को चाटते कुत्ते - फोटो : अमर उजाला
टोल से नहीं गुजरी कार, तिगरी गोल चक्कर से आई
कार पर फास्टैग भी लगा है। उसका रिकार्ड खंगालने पर पता चला कि कार किसी टोल से नहीं गुजरी है। अंदेशा है कि नोएडा से तिगरी गोल चक्कर होते हुए एनएच-9 के रास्ते कार मसूरी क्षेत्र में लायी गई। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी सभी रूट खंगाले जा रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
दौड़ती रही बिना नंबर की कार, आखिर कहां थी पुलिस 
कार की अगली नंबर प्लेट टूटी है, जबकि पिछली नंबर प्लेट गायब है। नोएडा में वारदात के बाद कार गाजियाबाद पहुंच गई। बड़ा सवाल यह है कि बिना नंबर की सेल्टोस कार सड़क पर दौड़ती रही। उस वक्त नोएडा व गाजियाबाद पुलिस कहां थी। कार को तिगरी गोल चक्कर से लाया गया है तो कार को नोएडा के फेज-थ्री, बिसरख तथा गाजियाबाद के विजयनगर, कविनगर, मसूरी थानाक्षेत्र से होकर निकाला गया होगा। लेकिन किसी को भनक तक नहीं लग सकी। वहीं, इन थानाक्षेत्रों में 9 पुलिस चेक पोस्ट भी हैं।
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जांच करने पहुंची फॉरेंसिक टीम - फोटो : अमर उजाला
हद है! लापरवाही पर लापरवाही करती रही गाजियाबाद पुलिस
बहुचर्चित गौरव चंदेल हत्याकांड पूरे प्रदेश में सुर्खियों में है। पहले नोएडा पुलिस की लापरवाही सामने आई थी और अब गाजियाबाद पुलिस का ढर्रा भी लापरवाही भरा रहा। सनसनीखेज हत्याकांड को लेकर गाजियाबाद पुलिस ने कदम-कदम पर लापरवाही बरती।
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लापरवाही एक : रात में ही क्यों नहीं की पड़ताल
गाजियाबाद पुलिस अगर गंभीरता से लेकर कार के पार्किंग स्टीकर की पड़ताल रात में ही कर लेती तो नाकाबंदी कर बदमाशों को पकड़ा जा सकता है। सुबह होने पर पुलिस एक्टिव हुई और करीब 10 घंटे बाद नोएडा पुलिस को जानकारी मिली।

लापरवाही दो : 15 घंटे बाद लगाई बैरिकेडिंग
बेहद संवेदनशील मामला होने के कारण फॉरेंसिक टीम को केफिंगर प्रिंट व अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने थे लेकिन पुलिस ने कार का तमाशा बनाए रखा। रात 11 बजे पुलिस पहुंच चुकी थी। बुधवार सुबह से लोगों की भीड़ कार को छूकर देखती रही। एसएसपी के पहुंचने के बाद दोपहर करीब दो बजे टेपिंग कर कार की बैरिकेडिंग की गई।
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