गौरव चंदेल हत्याकांड के बाद से अब तक पुलिस मोबाइल, कार और टियागो कार जरूर बरामद की है। इसके बावजूद पुलिस के हाथा खाली हैं। बताया जाता है कि पकड़े जाने से बचने के लिए बदमाश खुद मोबाइल और कार छोड़कर भागे हैं। एक पखवाड़े तक वारदात की जांच में जिला पुलिस की 6 से अधिक टीमें लगाई गई थी। शहर के कई थानों की टीमें भी लगी थी। अब कई थानों की टीम जांच से पीछे हट गई। अब कोतवाली फेज थ्री पुलिस सहित कुछ अन्य टीम जांच में लगी है। एसटीएफ की टीम भी काम कर रही है। वहीं, जांच में एक और नया खुलासा हुआ है।
विज्ञापन
2 of 5
gaurav chandel murder case
- फोटो : अमर उजाला
टियागो बरामदगी के बाद पुलिस की जांच धीमी
टियागो कार की गाजियाबाद में बरामदगी के बाद पुलिस की जांच और भी धीमी हो गई है। इस घटना के बाद पुलिस बदमाशों के साथ साथ लूटी गई सेल्टॉस को ढूंढ रही थी। बदमाशों का तो अब तक सुराग लगा नहीं लेकिन सेल्टॉस कार मसूरी के आकाश नगर में मिल गई। इसके बाद पता चला कि बदमाश सेल्टॉस से टियागो की लूट की थी और टियागो सीसीटीवी में कैद भी हो गई थी। फिर पुलिस टियागो के पीछे लग गई। अब जब टियागो बरामद हो गई तो पुलिस को अब आगे की कोई कड़ी नहीं सूझ रही।
विज्ञापन
3 of 5
gaurav chandel murder case
- फोटो : अमर उजाला
सेल्टॉस को कटवाने का किया था प्रयास
जब बदमाशों ने गौरव चंदेल की कार लूटी थी तब यह पता नहीं था कि मामला हाई प्रोफाइल हो जाएगा। लेकिन एक दिन बाद ही इस मामले को मीडिया प्रमुखता से उठाने लगा तो बदमाशों ने कार कटवाने का भी प्रयास किया था। इसके लिए बदमाशों ने कुछ कबाड़ियों से संपर्क भी किया था लेकिन पुलिस की भारी सक्रियता के कारण बदमाश कार कटवाने में सफल नहीं हुए।
4 of 5
घटनास्थल पर धब्बों को चाटते कुत्ते
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की टीमें कई कबाड़ियों से पूछताछ कर रही है लेकिन इनसे भी पुलिस को कुछ सफलता नहीं मिली। पुलिस के सूत्रों ने बताया कि मेरठ, मुजफ्फरनगर व आसपास के कबाड़ियों से संपर्क किया गया था लेकिन बताते हैं कि नई गाड़ी व मामला हाईलाइट होने के कारण कबाड़ियों ने साफ मना कर दिया था। उन्हें डर था कि पुलिस जरूर पूछताछ के लिए आएगी और नई गाड़ी के पुर्जों को इधर-उधर करना आसान नहीं होगा।
मिर्ची गैंग के एक बदमाश को ट्रेस नहीं कर पाई पुलिस
इस घटना के पीछे सबसे प्रमुख संदिग्ध मर्ची गैंग के सरगना आशू को तो छोड़ दीजिए। इस गिरोह के छोटे बदमाशों को भी पुलिस ट्रेस नहीं कर पाई है। इसके अलावा मसूरी, डासना, पिलखुआ आदि में सक्रिय किसी गिरोह पर भी हाथ नहीं डाल पाई। पुलिस अब भी इसी अंदेशा में है कि मसूरी डासना इलाके के ही बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया है।