ganesh chaturthi
ऐसे करें पूजा पाठ
सुबह 4 बजे उठकर पूरे घर को गंगा जल से शुद्ध करे।
लकड़ी की चौकी पर पीला कपड़ा बिछा कर गणेश भगवान की मूर्ति स्थापित करें।
श्री गणेशाय नम: मंत्र बोलकर दीपक और धूप जलाएं।
फिर गणेश जी का ध्यान करने के बाद उनका आह्वन करें।
इसके बाद गणपति की प्रतिमा पर सिंदूर, चंदन, फूल और फूलों की माला अर्पित करें।
अब बप्पा को मनमोहक सुगंध वाली धूप दिखाएं।
श्री गणेशाय नम: मम कार्यसिद्धि कुरु कुरु फट स्वाहा मंत्र का उच्चारण कर भगवान को फूल, फल, रोली, मौली, चंदन, पंचामृत, 11 दूर्वा घास चढ़ाएं।
पूरे दिन व्रत करना है और शाम को गणेश भगवान की आरती कर उन्हें मोदक का भोग लगाएं।
इसके बाद हाथों में फूल लेकर गणपति के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित करें।
अब गणपति की परिक्रमा करें. ध्यान रहे कि गणपति की परिक्रमा एक बार ही की जाती है।
इसके बाद गणपति से किसी भी तरह की भूल-चूक के लिए माफी मांगें।
पूजा के अंत में साष्टांग प्रणाम करें।
अगले दिन जो 11 दूर्वा चढ़ाई थी उसे पीले कपडे़ में बांधकर अपने सिरहाने रख दे।