सीमापुरी रोड एक्सिडेंट
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स्थानीय निवासी रहीम ने बताया कि झुग्गियों में रहने वाले ज्यादातर लोग कूड़ा बीनने का काम करते हैं। रात को सीमापुरी और आसपास के इलाकों में कूड़ा बीनने के बाद उसको बोरों में इकट्ठा कर लिया जाता है। अपने इकट्ठे किए गए सामान को यह लोग पास में ही रखकर फुटपाथ या डिवाइडर पर सो जाते हैं। सुबह होते ही सामान को बेच दिया जाता है। एक महिला ने बताया कि कई बार लोगों से अपने घर आकर ही सोने के लिए कहा गया, लेकिन वह खुले में सोने के कारण सड़क पर ही सो जाते थे।