पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप के बाद सोमवार को बसपा से निष्कासित किए गए विधायक अमरपाल शर्मा ने पार्टी पर बड़ा आरोप लगाते हुए यह खुलासा किया है कि इसकी बैठकों में नोटों की गिनती होती है। बता दें कि अमरपाल शर्मा साहिबाबाद से विधायक हैं।
अमरपाल शर्मा ने मंगलवार सुबह अपनी प्रेस कांफ्रेंस में बसपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि 3 महीने पहले पार्टी ने उनसे 8 करोड़ मांगते हुए उनका टिकट काट दिया था। बाद में 5 करोड़ रुपये देने की बात पर टिकट मिला।
उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि मगर अब 5 करोड़ मांगे गए और अंत समय में टिकट काट दिया। शर्मा बोले कि कल तक बसपा का कार्यकर्ता था, आज जो जनता कहेगी वही करूँगा। शर्मा का तो ये भी दावा है कि बसपा की बैठकों में नोटों की गिनती होती है। सभी बैठकों में हिस्सा लेता हूं।
पार्टी में अपने काम के बारे में बताते हुए वो बोले कि बहनजी के जन्मदिन पर मैंने 33 मीटिंग की। पार्टी के लिए काम किया। पार्टी का गरीबों से लेना देना नहीं। सिर्फ पैसे की राजनीती होती है। शर्मा ने यहां नसीमुद्दीन सिद्दीकी को आलाकमान से डील कराने वाला भी बता दिया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वो अब भाजपा में जाएंगे तो इस पर वो बोले कि भाजपा से अभी तक कोई बात नहीं हुई। भाजपा के बारे में कुछ नहीं कह सकते। विधायक बोले, नोटबंदी का चुनाव पर कोई असर नहीं है। पहले मुझसे 8 करोड़ रुपए मांगे, नोटबंदी के बाद वही 5 करोड़ हो गए। नोटबंदी का कोई असर पैसे की राजनीती पर नहीं पड़ा। चुनाव लड़ेंगे जरूर मगर निर्दलीय या किसी अन्य पार्टी से इसका खुलासा 1-2 दिन में करेंगे।
वहीं अमरपाल शर्मा की इस प्रेस कांफ्रेंस में भीड़ इतनी जुटी कि वो सभा में तब्दील हो गई। भारी संख्या में शर्मा के समर्थकों ने नारेबाजी की। आचार संहिता का भी जमकर उल्लंघन हुआ।