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इन 5 कारणों से बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गए निगम चुनाव के नतीजे

Sun, 03 Dec 2017 01:19 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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कहने को आज उत्तर-प्रदेश में निकाय चुनाव के नतीजे आ गए लेकिन यह केंद्र और यूपी में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुका था क्योंकि, यहां पर बीजेपी के कई दावों की अग्निपरीक्षा हो रही है।
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निकाय चुनाव से आठ महीने पहले उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल की और अप्रत्याशित फैसला लेते हुए योगी आदित्यनाथ को यूपी का सीएम बना दिया। सूत्रों की मानें तो इस फैसले का पार्टी के अंदर भी जमकर विरोध हुआ था। माना जा रहा है कि अब आठ महीने बाद निकाय चुनाव के नतीजे ये साबित करने में पार्टी की मदद करेंगे कि यूपी की जनता योगी के नेतृत्व से खुश है या नहीं।
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बीजेपी के लिए यह चुनाव कितना महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि स्थानीय निकाय कहे जाने वाले इस चुनाव के लिए खुद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 40 से ज्यादा चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया। अब देखना दिलचस्प होगा कि योगी की इन जनसभाओं का इन क्षेत्रों के चुनाव परिणामों पर क्या असर पड़ता है।

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जबकि राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव या मुलायम सिंह यादव की जगह सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम और कांग्रेस की ओर से राजबब्बर ही प्रचार करते दिखे।
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निकाय चुनाव - फोटो : self
इसी महीने गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और निकाय चुनाव के नतीजे अगर ‌बीजेपी के पक्ष में आते हैं तो इससे भाजपा को अपने प्रमुख प्रतिद्वंदी कांग्रेस पर पलटवार करने में आसानी होगी। 
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- फोटो : अमर उजाला
यूपी किसी भी राष्ट्रीय राजनीतिक दल के लिए महत्वपूर्ण होता है। यहां के रुझान से ही यह तय होता है कि राष्ट्रीय राजनीति में कौन सा दल प्रभावी होगा। ऐसे में यूपी में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों को 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी का प्रीबोर्ड एग्जाम भी कहा जा रहा है।
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