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दुष्कर्म की वो पांच घटनाएं, जिन्होंने देश को झकझोर कर रखा दिया

Fri, 06 Dec 2019 10:23 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दुष्कर्म आरोपी - फोटो : अमर उजाला
हैदराबाद की पशु चिकित्सक के आरोपियों को तेलंगाना की पुलिस ने एनकाउंटर कर ढेर कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे देश में बहस छिड़ गई है। हालांकि देश में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं जहां इंसाफ न मिलने से लोगों में अब भी आक्रोश है। आइए जानते हैं ऐसी ही दुष्कर्म की पांच घटनाओं के बारे में जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया....
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nirbhaya
निर्भया सामूहिक दुष्कर्म 
दिसंबर 2012 की रात दिल्ली में एक पैरामेडिकल छात्रा के साथ बस में सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई। जिसने न सिर्फ देश की राजधानी बल्कि पूरे देश को गुस्से से भर दिया। इस मामले में छह दोषियों को गिरफ्तार किया गया था। जिनमें से एक राम सिंह सुनावाई के दौरान ही तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी और एक नाबालिग को तीन साल तक सुधार गृह में रखने के बाद छोड़ दिया।

बाकी बचे हुए चार आरोपियों को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। पिछले साल हाईकोर्ट ने मौत की सजा पाए चार दोषियों में से तीन की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। जबकि एक आरोपी ने मौत की सजा के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं की थी।

हाल में तीन दोषियों ने जेल प्रशासन को पत्र लिखकर 29 अक्टूबर की अधिसूचना को वापस लेने की मांग की जिसमें राष्ट्रपति के समक्ष क्षमादान के लिए सात दिन की समय सीमा निर्धारित की गई थी। जेल प्रशासन ने कहा कि राष्ट्रपति से माफी मांगने की याचिका को छोड़ दोषियों के सभी कानूनी विकल्प खत्म हो गए हैं। 
  
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कुलदीप सिंह सेंगर एवं दुष्कर्म पीड़िता की कार हादसे के बाद - फोटो : अमर उजाला
उन्नाव दुष्कर्म कांड
उत्तर प्रदेश के जिला उन्नाव में 2017 में एक नाबालिग लड़की ने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया। मामला हाई प्रोफाइल होने की वजह से भाजपा ने कुलदीप को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। हाईकोर्ट के आदेश में मामले की सुनवाई दिल्ली ट्रांसफर कर दिया गया है। 

इस मामले में तब और सुर्खियां बटौरी जब 28 जुलाई को पीड़िता अपने वकील और चाची के साथ कार में सवार होकर चाचा से मिलने रायबरेली जा रही थी और रास्ते में एक ट्रक ने इनकी कार को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में पीड़िता की चाची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था जबकि वकील और पीड़िता गंभीर रूप से घायल होकर एम्स में भर्ती कराए गए थे। फिलहाल वकील ठीक हो गए हैं और पीड़िता अब भी एम्स में भर्ती है। 

सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी नरेश तिवारी, ब्रिजेश यादव सिंह और सुभम सिंह जमानत पर जेल से बाहर हैं। अंतिम दौर की जिरह जिला न्यायाधीश धर्मेश शर्मा की अदालत में चल रही है जहां पर हाल में बचाव पक्ष ने बयान दर्ज कराने का कार्य पूरा किया और अब सीबीआई बहस करेगी।

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Muzaffarpur
मुजफ्फरपुर बाल गृह कांड
बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बाल गृह में कई नाबालिग बच्चियों का यौन एवं शारीरिक शोषण ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस मामले में पूर्व विधायक ब्रजेश ठाकुर मुख्य आरोपी है। इसका खुलासा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस (टीआईएसएस) की रिपोर्ट में हुआ जो बिहार सरकार के समक्ष 26 मई 2018 को जमा कराई गई थी। मामले में निर्धारित समय से एक महीना पहले 12 दिसंबर को फैसला आने की उम्मीद है।

सीबीआई ने विशेष अदालत को बताया कि मामले के 20 आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल दो अगस्त को मामले पर संज्ञान लिया और 28 नंवबर 2018 को जांच सीबीआई को सौंप दिया। सात फरवरी 2019 को मामले की सुनवाई मुजफ्फरपुर से दिल्ली स्थिति साकेत जिला अदालत के पोक्सो अदालत स्थारांतरित की गयी।

पोक्सो अदालत ने सीबीआई के वकील और 11 अरोपियों का पक्ष सुनने के बाद 30 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया।
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कठुआ कांड - फोटो : अमर उजाला
कठुआ दुष्कर्म कांड
2018 में कठुआ में आठ वर्षीय बच्ची के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में छह लोगों को दोषी करार दिया गया। चार महीने बाद, अक्टूबर में हालांकि जम्मू की अदालत ने पुलिस को मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम के छह सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। जांच दल के सदस्यों पर गवाहों को गलत गवाही देने के लिए दबाव बनाने और यातना देने का आरोप है।

इस साल जून में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तेजविंदर सिंह की अदालत ने तीन आरोपियों को उम्र कैद की सुनाई जबकि बाकी तीन को सबूतों को नष्ट करने के आरोप में पांच-पांच साल कारावास की सजा सुनाई।
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shakti mills - फोटो : Social Media
शक्ति मिल गैंग रेप केस
22 अगस्त 2013 को मुंबई के शक्ति मिल परिसर में एक महिला फोटो जर्नलिस्ट के साथ हुए दुष्कर्म ने एक बार फिर देश को हिलाकर रख दिया। इस मामले में मुंबई सेशन कोर्ट ने सजा सुनाते हुए तीन को फांसी और एक को उम्रकैद की सजा सुनाई। इन दोनों मामलों में दो नाबालिग भी शामिल थे, जिन्हें जुवेनाइल में तीन साल के लिए भेजा गया। 

क्या हुआ था शक्ति मील में
एक महिला फोटो जर्नलिस्ट अपने एक साथी के साथ शक्ति मिल परिसर में कवरेज करने गई थी। महालक्ष्मी इलाके में सालों से बंद पड़ी यह मील वीरान रहती है। घटना वाले दिन शाम के छह बज रहे थे। महिला पत्रकार और उसके साथी को वहां कुछ लोग मिले जिन्होंने खुद को उन्हें पुलिस वाला बताया और कहा कि आपको कवरेज से पहले हमारे अधिकारियों से इजाजत लेने होगी। 

वे लोगों उन्हें अंदर ले गए जहां उन पर हमला कर महिला जर्नलिस्ट के साथी को बंधक बना लिया गया और पांच लोगों ने महिला पत्रकार के साथ दुष्कर्म किया। करीब दो घंटे बाद वह दोनों वहां से भागने में कामयाब रहे। 

इस घटना के 72 घंटे बाद पुलिस ने पांच दोषियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इस घटना के कुछ दिन बाद एक और लड़की सामने आई जिसने बताया कि उसके साथ भी इनमें से तीन लोगों ने इसी मील में दुष्कर्म किया था। सामूहिक दुष्कर्म के इन दोनों मामले में पीडितों की ओर से सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बहस की। 2014 में मुंबई सेशन कोर्ट ने इस गैंग रेप केस में तीन को फांसी, एक को उम्रकैद की सजा सुनाई।
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