shakti mills
- फोटो : Social Media
शक्ति मिल गैंग रेप केस
22 अगस्त 2013 को मुंबई के शक्ति मिल परिसर में एक महिला फोटो जर्नलिस्ट के साथ हुए दुष्कर्म ने एक बार फिर देश को हिलाकर रख दिया। इस मामले में मुंबई सेशन कोर्ट ने सजा सुनाते हुए तीन को फांसी और एक को उम्रकैद की सजा सुनाई। इन दोनों मामलों में दो नाबालिग भी शामिल थे, जिन्हें जुवेनाइल में तीन साल के लिए भेजा गया।
क्या हुआ था शक्ति मील में
एक महिला फोटो जर्नलिस्ट अपने एक साथी के साथ शक्ति मिल परिसर में कवरेज करने गई थी। महालक्ष्मी इलाके में सालों से बंद पड़ी यह मील वीरान रहती है। घटना वाले दिन शाम के छह बज रहे थे। महिला पत्रकार और उसके साथी को वहां कुछ लोग मिले जिन्होंने खुद को उन्हें पुलिस वाला बताया और कहा कि आपको कवरेज से पहले हमारे अधिकारियों से इजाजत लेने होगी।
वे लोगों उन्हें अंदर ले गए जहां उन पर हमला कर महिला जर्नलिस्ट के साथी को बंधक बना लिया गया और पांच लोगों ने महिला पत्रकार के साथ दुष्कर्म किया। करीब दो घंटे बाद वह दोनों वहां से भागने में कामयाब रहे।
इस घटना के 72 घंटे बाद पुलिस ने पांच दोषियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इस घटना के कुछ दिन बाद एक और लड़की सामने आई जिसने बताया कि उसके साथ भी इनमें से तीन लोगों ने इसी मील में दुष्कर्म किया था। सामूहिक दुष्कर्म के इन दोनों मामले में पीडितों की ओर से सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बहस की। 2014 में मुंबई सेशन कोर्ट ने इस गैंग रेप केस में तीन को फांसी, एक को उम्रकैद की सजा सुनाई।