यूपी में इन दिनों अगर किसी का खौफ है तो वो एंटी रोमियो स्क्वाड है। हाल ही में इस टीम द्वारा एक रोमियो का सरेआम बाल मुंडवाने का वीडियो वायरल हो गया जिसके बाद एंटी रोमियो स्क्वाड की मनमानी पर पूरे देश में चर्चा होने लगी। लेकिन इस बारे में प्रदेश में सबसे पहले बनने वाले दल की महिला पुलिस का खुलासा चौंका देने वाला है।
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बता दें कि मेरठ में सबसे पहले एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया गया और महिला पुलिस के इस दल का नेतृत्व करती हैं लेडी इंस्पेक्टर कंचन चौधरी।
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एंटी रोमियो स्क्वाड की मनमानी पर कंचन चौधरी कहती हैं कि वो कसम खाकर कह सकती हैं कि उन्होंने या उनकी टीम ने कभी भी किसी प्रेमी जोड़े को परेशान करने की कोशिश नहीं की।
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इसके बाद कंचन जो खुलासा करती हैं वो तो चौंका देने वाला है। कंचन कहती हैं कि जब तक हम वर्दी में रहते हैं तब तक तो सब ठीक रहता है लेकिन हमारे शरीर से वर्दी हटते ही लोगों की सच्चाई सामने आनी शुरु हो जाती है।
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कंचन बताती हैं कि खुद वो और उनकी टीम की कई महिला कांस्टेबल ईव टीजिंग का शिकार हुई हैं। अपने एंटी रोमियो स्क्वाड के साथ मेरठ में एक गर्ल्स कॉलेज के पास ड्यूटी करने वाली कंचन कहती हैं कि वो पिछले 30 साल से पुलिस में हैं और एक महिला होते हुए वो जानती हैं कि ईव टीजिंग का दर्द क्या होता है।
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वो कहती हैं कि एंटी रोमियो स्क्वाड टीम में शामिल उनकी महिला कांस्टेबल ही जब सादे कपड़ों में यहां से गुजरती हैं तो उन्हें लड़कों के भद्दे कमेंट और छेड़खानी का सामना करना पड़ा है।
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यही कारण है कि वो उन लोगों पर निगहा रखती हैं जो लड़कियों पर आपत्तिजनक कमेंट करते हैं और लड़कियों का सड़क पर चलना मुश्किल कर देते हैं।
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जब कंचन से पूछा गया कि वो इस बात का फैसला कैसे करती हैं कि कौन सा जोड़ा सच में प्रेमी जोड़ा है या नहीं तो वो जवाब देती हैं कि ये बात उनकी आंखों में देखते ही पता चल जाती है।
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अच्छी बात ये है कि मेरठ में कॉलेज आने-जाने वाली लड़कियां भी कंचन की इस बात पर सहमति जताती हैं। लोग बताते हैं कि कॉलेज के गेट के पास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है जिन पर लगाम लगनी जरूरी है।
एंटी रोमियो स्क्वाड के बारे में मेरठ के एसपी आलोक प्रियदर्शी कहते हैं कि असल में ये सब प्रोपोगेंडा केवल कुछ गलतफहमियों की वजह से हो रहा है। कुछ मामलों के सामने आने के बाद इन टीमों को स्पष्ट दिश-निर्देश भी जारी किए गए हैं। (फोटो व स्टोरी साभार: डेली मेल)