एनएच-24 डासना स्थित इंमेंटेक कॉलेज कैंपस में बीबीए सेकेंड ईयर के छात्र पर साथियों संग आए एलएलबी के छात्र ने तीन राउंड फायरिंग की। जानलेवा हमले में छात्र तो बच गया लेकिन एक गोली उसकी क्लासमेट शिवांगी अग्रवाल (21) की पीठ में जा लगी। गोलियां चलते ही कॉलेज में भगदड़ मच गई। हमलावर कॉलेज के गेट की रेलिंग पर थे, जो कार-बाइक से भाग गए। वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है। घायल छात्रा कोलंबिया एशिया अस्पताल में भर्ती है। ऑपरेशन के बाद गोली निकाल ली गई है। छात्रों के बीच विवाद की वजह प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है।
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प्रेम प्रसंग के चलते फायरिंग, छात्रा को लगी गोली
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वारदात बुधवार सुबह करीब पौने 10 बजे हुई। इंमेंटेक में करीब 650 छात्र परीक्षा देने आए हुए थे। शिवांगी 57-ए न्यू आर्यनगर, जेल रोड मेरठ की रहने वाली है। उसके पिता संजीव अग्रवाल स्टेशनरी कारोबारी हैं। शिवांगी एनएच-24 डासना स्थित आईएमएस कॉलेज में बीबीए सेकेंड ईयर की छात्रा है। कॉलेज के छात्रावास में ही रहती है। छात्रा क्लासमेट संजना और शुभम के साथ सेल्स मैनेजमेंट का पेपर देने एग्जाम सेंटर इंमेंटेक कॉलेज आई थी।
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संजना ने बताया कि वे तीनों क्लास की ओर जा रहे थे। कॉलेज गेट से किसी के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी और फायरिंग हुई। एक गोली शिवांगी की पीठ में आकर लगी। वह गिर गई। वह उसे साथियों संग अस्पताल ले गई। कॉलेज के गार्ड अशोक कुमार ने बताया कि वह पार्किंग में गाड़ियां लगवा रहा था। अचानक कार और बाइक पर छह-सात युवक आए। कॉलेज के गेट पर चढ़कर अंदर किसी छात्र को गालियां देने लगे।
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कुछ ही देर में पिस्टल-तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी और भाग गए। एसओ मसूरी राजकुमार ने बताया कि गोली रॉयल कॉलेज ऑफ लॉ में पढ़ने वाले एलएलबी छात्र ने चलाई, जो मसूरी क्षेत्र के एक गांव का है। आईएमएस कॉलेज के छात्र सिद्धू निवासी मेरठ से उसका काफी समय से विवाद चल रहा था। सिद्धू छात्रा शिवांगी का क्लासमेट है। इंमेंटेक कॉलेज केप्रशासनिक अधिकारी विनोद त्यागी ने अज्ञात हमलावर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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मामला प्रेम प्रसंग का है। विवाद एक लड़की को लेकर है। दूसरी तरफ, रॉयल कालेज मैनेजमेंट का दावा है कि आरोपी छात्र पहले उनके यहां पढ़ता था। वे पिछले साल दिसंबर में ही कॉलेज से निकाल चुके हैं। कोलंबिया एशिया अस्पताल के जीएम गौरव खुराना ने बताया कि छात्रा की पीठ में लगी गोली ऑपरेशन के बाद निकाल ली गई है। उधर, शिवांगी को गोली लगने की सूचना पर मेरठ से उसके ताऊ राजीव कुमार और माता-पिता भी कोलंबिया एशिया अस्पताल पहुंचे। उनका कहना है कि किसी से भी कोई दुश्मनी नहीं है। पुलिस की टीमों ने आरोपी छात्र के घर कई बार दबिश दी।
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एसओ का दावा है कि सिद्धू और आरोपी लॉ स्टूडेंट के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार को मेरठ में भी दोनों छात्रों का विवाद हुआ था। अंदेशा है कि मेरठ में लड़ाई होने की वजह से ही बुधवार को आरोपी अपने दोस्तों के साथ सिद्धू के एग्जाम सेंटर पहुंचा। शिवांगी के ताऊ सिंडिकेट बैंक की मेरठ स्थित शाखा में कार्यरत हैं, वह वारदात की सूचना पर अस्पताल पहुंचे। वहां पर आईएमएस कॉलेज का स्टाफ भी मौजूद था। एडमिन इंचार्ज सुधीर कौशिक को शिवांगी के परिजनों ने भला-बुरा कहा। ताऊ राजीव ने कहा कि यह कैसा मैनेजमेंट है, जहां छात्र-छात्राओं की सुरक्षा का कोई इंतजाम ही नहीं।
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एग्जाम सेंटर के वक्त कॉलेज के बाहर अक्सर पुलिस की ड्यूटी लगाई जाती है। इसके लिए कॉलेज की ओर से पुलिस को लेटर लिखकर मांग की जाती है। वारदात के वक्त कॉलेज के बाहर पुलिस बल नजर नहीं आया। पुलिस का कहना है कि कॉलेज ने पुलिस बल की मांग नहीं की थी। आरोप है कि जिस वक्त आरोपी छात्र और उसके दोस्त कॉलेज गेट पर चढ़ रहे थे, उस वक्त कॉलेज गेट पर पांच सिक्योरिटी गार्ड तैनात थे। एक ने भी उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। छात्रों केहाथ में तमंचे-पिस्टल थे। वह हवा में लहराते रहे, लेकिन किसी ने टोका नहीं। छात्रा को गोली मारने के बाद वह भागने लगे तो सिक्योरिटी गार्ड ने पकड़ने की भी कोशिश नहीं की।
वारदात के वक्त कॉलेज गेट पर चढ़ते वक्त आरोपी छात्र और उसके दोस्त की तस्वीर सीसीटीवी में कैद होने का पुलिस ने दावा किया है। वह कार और बाइक से भागे थे, वाहनों की नंबर प्लेट भी सीसीटीवी में कैद है। सीओ ने बताया एक हमलावर छात्र का पता चल गया है। कार के नंबर से उसका सुराग मिला। वारदात के बाद संजना ने सच्ची दोस्ती निभाई। उसने लोगों से शिवांगी को अस्पताल पहुंचाने के लिए मदद मांगी। एक छात्र की कार में शिवांगी को लहूलुहान हालत में अस्पताल लेकर आई। इसके बाद संजना पेपर देने वापस कॉलेज नहीं गई। शिवांगी केसाथ-साथ संजना ने भी पेपर छोड़ दिया। वह कहती है कि सेल्स मैनेजमेंट का पेपर शिवांगी के साथ बाद में देगी।