फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां के सामने जल गए बेटा-बेटी: दिल्ली में दर्दनाक हादसा, आग लगने से भाई-बहन की मौत; देखें भयावह तस्वीरें

Mon, 31 Mar 2025 08:57 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

-बचाने के दौरान मकान मालिक का बेटा झुलसा, रसोई गैस सिलिंडर के रेगुलेटर के पास से गैस रिसाव के बाद लगी आग
-महिला अपनी एक बेटी के साथ कमरे से बाहर निकली, मकान मालिक के बेटे से झुलसे हुए बच्चों को बाहर निकाला
विज्ञापन
1 of 8
मां और मृत बच्चे - फोटो : अमर
पंजाबी बाग के मनोहर पार्क इलाके में रविवार रात खाना बनाने के दौरान सिलिंडर से गैस रिसाव के बाद एक मकान में आग लग गई। कमरे में फंसे दो मासूमों की झुलसकर मौत हो गई, वहीं इसकी मां अपनी एक बेटी के साथ बाहर सुरक्षित निकल गई। बच्चों को बचाने का प्रयास करने के दौरान मकान मालिक का बेटा झुलस गया। मकान मालिक के बेटे का दोनों हाथ और मुंह झुलस गया है। इनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
विज्ञापन

2 of 8
साक्षी और आकाश - फोटो : अमर उजाला
कमरे में फंस गए भाई-बहन
शुरुआती जांच में पता चला है कि खाना बनाने के दौरान रेगुलेटर के पास से गैस रिसाव होने के बाद आग लगी और पूरे कमरे में फैल गई। आग में 14 साल की बच्ची और उसका सात साल का भाई कमरे में फंस गया। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्ज कर लिया है। मृत बच्चों की पहचान 14 साल की साक्षी और सात साल के आकाश के रूप में हुई है। घायल मकान मालिक के बेटे की पहचान संदीप पाठक के रूप में हुई है।
विज्ञापन

3 of 8
इसी खबर में रहता था पूरा परिवार - फोटो : अमर उजाला
मीनाक्षी आग लगते ही निकल गई बाहर
40 साल के लाल बहादुर अपनी पत्नी सविता और तीन बच्चों 14 साल की साक्षी, 11 साल की मीनाक्षी और सात साल के बेटे आकाश के साथ मनोहर पार्क के एक मकान की तीसरी मंजिल पर स्थित एक कमरे में किराए पर रहते थे। वह अशोका पार्क मेन में निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। वह रविवार रात में ड्यूटी पर मौजूद थे। रात करीब आठ बजे सविता अपने कमरे के एक कोने में बनी रसोई में खाना बनाने के लिए गैस चूल्हा जला ही थी। इसी दौरान रेगुलेटर से गैस रिसाव होने लगा और अचानक आग भड़क गई। आग वहां टंगे कपड़े समेत पूरे कमरे में फैल गई। आग लगते ही मीनाक्षी बाहर निकल गई। जबकि साक्षी और आकाश कमरे में फंस गए। मां ने दोनों बच्चों को बचाने की कोशिश की लेकिन वह इसमें कामयाब नहीं हो पाई। 

4 of 8
घटनास्थल मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला
मकान मालिक और उसका बेटा झुलसा
मां और बेटी के शोर मचाने पर आस पास रहने वाले किराएदार और मकान मालिक का बेटा संदीप वहां पहुंचे। संदीप ने कमरे में घुसकर झुलसे हुए दोनों बच्चों को बाहर निकाला। बच्चों के बचाने के क्रम में वह झुलस गए। लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तुरंत पास के आचार्य भिक्षु अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। जबकि संदीप का इलाज चल रहा है। उनका दोनों हाथ और चेहरा झुलस गया है। जिला पुलिस उपायुक्त विचित्र वीर ने बताया कि पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।
विज्ञापन

5 of 8
गमगीन मां - फोटो : अमर उजाला
मां को नहीं दी गई है बच्चों की मौत की सूचना
एक मां के दिल पर क्या बीत रही होगी इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं। उसके सामने ही दो मासूम आग में झुलस गए। दोनों ने दरवाजे पर खड़ी मां से बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन मां चाह कर भी अपने बच्चों को नहीं बचा पाई। घटना के बाद से बच्चों की मां सविता स्तब्ध है। वह इस बात से अंजान है कि इस घटना ने उसके हंसते खेलते दोनों बच्चे की मौत हो गई है। लोगों ने उसे अब तक इस बात की जानकारी नहीं दी है और न ही उन्हें किसी से मिलने दिया जा रहा है।
विज्ञापन

6 of 8
मौके पर मौजूद पड़ोसी - फोटो : अमर उजाला
शोर सुन बचाने पहुंचे लोग
पीड़ित परिवार के पड़ोस में रहने वाली किराएदार सुनीता ने बताया कि आग लगने के बाद सविता और उसकी बेटी शोर मचा रही थी। उन्हें तो पहले लगा कि सविता अपने बच्चों को डांट रही है, लेकिन जब उनकी बेटी मीनाक्षी ने कमरे में आग लगने की बात कहकर शोर मचाया तो वह तुरंत भागकर उनके कमरे के पास पहुंची। कमरे में आग लगी हुई थी और इसके चपेट में आकर उनके दोनों बच्चे झुलग चुके थे। मीनाक्षी के शोर मचाने पर मकान मालिक के बेटे संदीप पाठक वहां पहुंचे और हिम्मत कर आग लगे कमरे में घुस गए। फिर दोनों बच्चों को झुलसी अवस्था में कमरे के बाहर निकाल कर लाए। बच्चों को बचाने के दौरान वह भी आग की चपेट में आकर झुलस गए। फिर उन लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग को घटना की जानकारी दी।
विज्ञापन

7 of 8
घर के अंदर जला सामान - फोटो : अमर उजाला
भगवान से मिन्नत मांग रही मां 
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने झुलसे बच्चों और संदीप को अस्पताल लेकर गई। जहां डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी बच्चों के पिता लाल बहादुर को दी गई। पड़ोसन ने बताया कि घटना के बाद से अनहोनी के डर से सविता स्तब्ध है। उसे अब तक इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि घटना में उसके दोनों बच्चों की मौत हो गई है। सविता और उसकी बेटी मीनाक्षी को इसी मकान की दूसरी मंजिल पर रहने वाले पड़ोसी ने अपने घर में रखा हुआ है। कमरे में अकेली बैठी अपने बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए भगवान से मिन्नत मांग रही है।
विज्ञापन

8 of 8
घर के अंदर जला सामान - फोटो : अमर उजाला
खुशनुमा माहौल पल भर में मातम में बदला
साक्षी के आठवीं में प्रथम श्रेणी में पास होने की वजह से घर का माहौल काफी खुशनुमा था। लेकिन उनकी खुशी को पल भर में किसी की नजर लग गई। परिवार के एक रिश्तेदार विकास ने बताया कि घटना के दिन साक्षी के परीक्षा परिणाम घोषित हुए थे। जिसमें वह प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई थी। घटना से पहले वह अपने चाचा से फोन पर अपनी खुशी का इजहार कर रही थी। एक पड़ोसी ने बताया कि कुछ दिन पहले ही परिवार ने आकाश का जन्मदिन मनाया था। विकास ने बताया कि लाल बहादुर का परिवार इस मकान में तीन साल से किराए पर रह रहा था। सविता घरेलू सहायिका के रूप में काम करती है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें