बेटे हरीश के साथ माता-पिता
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यह कहानी केवल एक बीमारी या कानूनी लड़ाई नहीं
इस विषय को फिल्म के रूप में प्रस्तुत करने के लिए उनके अधिवक्ता मनीष जैन से संपर्क किया है। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिवक्ता ने निर्माता से कुछ समय इंतजार करने के लिए कहा है। अधिवक्ता ने बताया कि यह कहानी केवल एक बीमारी या कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि एक पिता के साहस, परिवार के धैर्य और न्यायपालिका की संवेदनशीलता की मिसाल है।